Iran internet shutdown: तेहरान। ईरान में शनिवार रात सरकार विरोधी आंदोलन ने और तीव्र रूप ले लिया। इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने और सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई के बावजूद राजधानी तेहरान सहित कई शहरों की सड़कों पर सत्ता के विरुद्ध नारे गूंजते रहे। अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ जनाक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। Iran News
रविवार को सामने आई रिपोर्टों में संकेत दिए गए कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की ओर से लगातार दी जा रही चेतावनियों के बीच अमेरिका संभावित सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। एक पूर्व अमेरिकी सैन्य अधिकारी और विश्लेषक के अनुसार, पश्चिम एशिया क्षेत्र में असामान्य सैन्य गतिविधियों के संकेत दिखाई दे रहे हैं, जिससे हालात और अधिक संवेदनशील बनते जा रहे हैं।
शनिवार को तेहरान के उत्तरी इलाकों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी के सत्यापित वीडियो के आधार पर बताया गया कि शनिवार को तेहरान के उत्तरी इलाकों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। यह प्रदर्शन ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी द्वारा किए गए उस आह्वान के कुछ ही समय बाद हुआ, जिसमें उन्होंने जनता से खामेनेई सरकार के खिलाफ एकजुट होकर शहरों के प्रमुख केंद्रों पर कब्ज़ा करने की अपील की थी। Iran News
गौरतलब है कि ये आंदोलन पिछले दो सप्ताह से लगातार जारी हैं। इनकी शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को हुई थी, जब मुद्रा के अवमूल्यन, बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट को लेकर लोगों का असंतोष सड़कों पर फूट पड़ा। धीरे-धीरे यह आंदोलन राजधानी से निकलकर देश के अनेक हिस्सों में फैल गया।
उपलब्ध जानकारियों के अनुसार, मौजूदा विरोध प्रदर्शन बीते तीन वर्षों में ईरान के सबसे बड़े सरकार विरोधी आंदोलनों में गिने जा रहे हैं। ये प्रदर्शन अब सैकड़ों शहरों तक फैल चुके हैं। शुरुआत में सरकार ने संयम बरतने और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन जैसे-जैसे आंदोलन तेज होता गया, प्रशासन ने कठोर रुख अपना लिया।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है
मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। हालात को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने देशभर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं, जिससे सूचना के आदान-प्रदान पर गंभीर असर पड़ा है। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों को कड़ी सज़ा, यहां तक कि मृत्युदंड की चेतावनी भी दी गई है। Iran News
सरकार का आरोप है कि इस पूरे आंदोलन के पीछे अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप की भूमिका है। वहीं, खामेनेई ने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि विदेशी हस्तक्षेप करने वाली ताकतों का अंत इतिहास में हमेशा पतन के रूप में हुआ है। दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान में “आजादी की लहर” का हवाला देते हुए बार-बार दखल की चेतावनी दोहराई है।
इन घटनाक्रमों के बीच संकेत मिल रहे हैं कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो क्षेत्र में तनाव नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है। बताया जा रहा है कि रविवार को भी देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने का मन बना चुके हैं। Iran News















