हमसे जुड़े

Follow us

28.6 C
Chandigarh
Sunday, March 1, 2026
More
    Home खेल Malaysia Mast...

    Malaysia Masters 2025: किदाम्बी श्रीकांत फाइनल में चूके, सिल्वर मेडल से करना पड़ा संतोष

    Malaysia Masters 2025
    Malaysia Masters 2025: किदाम्बी श्रीकांत फाइनल में चूके, सिल्वर मेडल से करना पड़ा संतोष

    Malaysia Masters 2025 Badminton tournament: कुआलालंपुर। अनुभवी बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत को मलेशिया मास्टर्स 2025 के फाइनल मुकाबले में चीन के ली शि फेंग के हाथों सीधी हार का सामना करना पड़ा। रविवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में श्रीकांत को केवल 36 मिनट में 11-21, 9-21 से पराजय झेलनी पड़ी। हालांकि पूरे टूर्नामेंट में श्रीकांत ने सशक्त और प्रेरणादायक प्रदर्शन किया, किंतु फाइनल में वे अपने प्रतिद्वंद्वी के सामने टिक नहीं सके। 32 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी लगभग छह वर्षों के अंतराल के बाद किसी बीडब्ल्यूएफ फाइनल में पहुँचे थे। इससे पहले वे 2019 इंडिया ओपन में उपविजेता रहे थे। Malaysia Masters 2025

    मैच के उपरांत श्रीकांत (Kidambi Srikanth) ने कहा, “यह सप्ताह मेरे लिए काफी सकारात्मक रहा। यह मेरा इस सीज़न का तीसरा टूर्नामेंट था। हालांकि पिछले दो में जीत नहीं मिली, परंतु इस बार जिस प्रकार का प्रदर्शन मैंने किया, उससे संतुष्ट हूं। आज के फाइनल में मैं अपनी रणनीति को ठीक से अमल में नहीं ला पाया, लेकिन फेंग ने शानदार खेल दिखाया।”

    सेमीफाइनल में, श्रीकांत ने जापान के युशी तनाका को हराया था

    सेमीफाइनल में, श्रीकांत ने जापान के विश्व रैंकिंग में 23वें स्थान पर काबिज युशी तनाका को सीधे गेमों में 21-18, 24-22 से हराया था। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में फ्रांस के टोमा जूनियर पोपोव को कड़े संघर्ष में 24-22, 17-21, 22-20 से मात दी। टूर्नामेंट की शुरुआत में उन्हें क्वालीफाइंग राउंड से गुजरना पड़ा था, जहां उन्होंने आयरलैंड के नहत गुयेन को हराकर मुख्य ड्रा में प्रवेश किया।

    किदांबी श्रीकांत का करियर कभी भारतीय बैडमिंटन की शान रहा है। 2017 में उन्होंने एक ही कैलेंडर वर्ष में चार बीडब्ल्यूएफ खिताब जीतकर इतिहास रच दिया था—इंडोनेशिया ओपन, ऑस्ट्रेलियन ओपन, डेनमार्क ओपन और फ्रेंच ओपन। इसके अलावा उन्होंने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

    हालाँकि, हाल के वर्षों में वे चोटों और निरंतरता की कमी से जूझते रहे हैं। कोविड महामारी के दौरान क्वालीफायर रद्द होने के चलते वे टोक्यो ओलंपिक में भाग नहीं ले सके। लगातार टखने की चोटों ने उनके खेल पर प्रभाव डाला, और हाल ही में वे विश्व रैंकिंग में 65वें स्थान तक फिसल गए थे। वर्ष 2022 में बैंकॉक में आयोजित थॉमस कप में भारत की ऐतिहासिक जीत का वे हिस्सा रहे, जहां उन्होंने टीम को गौरवपूर्ण स्वर्ण पदक दिलाने में योगदान दिया। Malaysia Masters 2025

    Tata IPL 2025: प्लेऑफ से पहले आरसीबी ने बढ़ाई अपनी ताक़त इस तेज गेंदबाज को किया टीम में शामिल