14 सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराने का संकल्प
हिसार (सच कहूँ/मुकेश)। Everest Base Camp: हरियाणा के हिसार जिले के नलवा विधानसभा क्षेत्र के गांव मिंगनी खेड़ा निवासी पर्वतारोही नरेंद्र कुमार ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है। नरेंद्र कुमार ने 30 दिसंबर को विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप (5,364 मीटर) पर माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तापमान और भीषण ठंड के बीच भारतीय तिरंगा फहराकर साहस और देशभक्ति का अद्भुत परिचय दिया। नरेंद्र कुमार का लक्ष्य विश्व की 14 सबसे ऊंची पर्वत चोटियों पर भारतीय तिरंगा फहराना है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल हिसार बल्कि पूरे हरियाणा और देशभर में खुशी और गौरव का माहौल है।
विषम परिस्थितियों में भी नहीं डिगा हौसला
इस चुनौतीपूर्ण अभियान की शुरूआत 24 दिसंबर 2025 को हुई थी। पूरे अभियान के दौरान खराब मौसम, तेज बर्फबारी और अत्यधिक ठंड जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद नरेंद्र कुमार ने अदम्य साहस, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर इस मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।
विशाल तिरंगे से दिया देशभक्ति का संदेश | Hisar News
आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के अवसर पर 15 अगस्त 2021 को नरेंद्र कुमार ने माउंट युनम पर 151 फीट लंबा और 9 फीट चौड़ा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराकर देशभक्ति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया था। इसके अलावा जुलाई माह में उन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस (5,642 मीटर) को भी सफलतापूर्वक फतह किया। उल्लेखनीय है कि पर्वतारोही नरेंद्र कुमार प्रधानमंत्री मोदी की फिट इंडिया मुहिम के ब्रांड एंबेसडर भी हैं। वे युवाओं को नशे से दूर रहने, फिटनेस अपनाने तथा खेल और एडवेंचर को करियर के रूप में अपनाने के लिए लगातार प्रेरित कर रहे हैं।
पहले भी रच चुके हैं कई कीर्तिमान
नरेंद्र कुमार इससे पहले भी कई दुर्गम और विश्व प्रसिद्ध चोटियों पर तिरंगा फहरा चुके हैं। उन्होंने माउंट मनास्लु (8,163 मीटर) की सफल चढ़ाई की है। वे माउंट अन्नपूर्णा (8,091 मीटर) पर तिरंगा फहराने वाले पहले हरियाणवी पर्वतारोही हैं। साथ ही माउंट ल्होत्से (8,516 मीटर) पर चढ़ाई करने वाले हरियाणा के पहले व्यक्ति भी हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने माउंट किलिमंजारो पर मात्र पांच दिनों में दो बार चढ़ाई कर विश्व रिकॉर्ड भी स्थापित किया है।
पिता बने प्रेरणास्रोत
नरेंद्र कुमार ने पर्वतारोहण की यात्रा वर्ष 2019 में अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट आॅफ माउंटेनियरिंग, मनाली से बेसिक कोर्स करके शुरू की। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2021 में हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट, दार्जिलिंग से एडवांस कोर्स पूरा किया। उनके पिता सुभाष चंद्र, जो एक्साइज एंड टैक्सेशन आॅफिसर के पद से सेवानिवृत्त हैं, सदैव उनके प्रेरणास्रोत और मार्गदर्शक रहे हैं। Hisar News
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