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Friday, February 27, 2026
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    Delhi Pollution: पीयूसी नहीं तो फ्यूल नहीं! GRAP के तहत बढ़ी दिल्ली में सख्ती, 18 दिसंबर से सिर्फ़ इन वाहनों की हो सकेगी एंट्री

    Fuel ban rules
    Fuel ban in Delhi

    Delhi fuel ban: नई दिल्ली। राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। पर्यावरण मंत्री ने घोषणा की कि गुरुवार से दिल्ली के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) वाली गाड़ियों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। Delhi Pollution News

    मंत्री ने बताया कि प्रदूषण स्तर बढ़ने की स्थिति में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-3 और चरण-4 लागू होने पर बीएस-6 मानक से नीचे की सभी गाड़ियों के साथ-साथ दिल्ली के बाहर पंजीकृत वाहनों के राजधानी में प्रवेश पर रोक लगा दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदूषण फैलाने वाले किसी भी वाहन को दिल्ली में चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वाहनों से निकलने वाले धुएं पर नियंत्रण के लिए पेट्रोल, डीज़ल और सीएनजी पंपों के सभी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल उन्हीं वाहनों को ईंधन उपलब्ध कराएं, जिनके पास मान्य पीयूसी प्रमाणपत्र मौजूद हो।

    निर्माण सामग्री ढोने वाले सभी वाहनों का दिल्ली में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित

    उन्होंने आगे बताया कि GRAP चरण-4 लागू होने की स्थिति में निर्माण सामग्री ढोने वाले सभी वाहनों का दिल्ली में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम और ज़मीनी स्तर पर जांच की जाएगी। मंत्री ने नागरिकों से अपील की कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में पेट्रोल पंपों या सीमा चौकियों पर तैनात अधिकारियों से विवाद न करें। Delhi Pollution News

    पर्यावरण मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक और आंकड़ों पर आधारित रणनीति अपनाई है। उनके अनुसार पिछले 11 महीनों में से आठ महीनों में राजधानी की वायु गुणवत्ता, बीते वर्ष की समान अवधि की तुलना में बेहतर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि नवंबर जैसे प्रदूषण-प्रवण महीने में भी औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 20 अंक कम दर्ज किया गया।

    उन्होंने कहा कि यह सुधार रोज़ाना की सख्त निगरानी और दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों का परिणाम है। मंत्री ने जानकारी दी कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और ज़िला प्रशासन की टीमें औद्योगिक इकाइयों का व्यापक सर्वेक्षण कर रही हैं। पुनर्विकास क्षेत्रों और गैर-अनुरूप इलाकों में स्थित इकाइयों की जांच के बाद 824 औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। Delhi Pollution News

    प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वालों को अब तक 2,000 से अधिक नोटिस

    सरकारी विभागों की संयुक्त कार्रवाई के तहत प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वालों को अब तक 2,000 से अधिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं और करीब 9.21 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही डीज़ल जनरेटर सेट और प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है।

    करीब 3,200 डीज़ल जनरेटर सेटों की जांच की जा चुकी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के नियमों का पालन कर रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले जनरेटर बंद कराए जा रहे हैं और उन पर आर्थिक दंड भी लगाया जा रहा है। राजधानी के लगभग 318 बैंक्वेट हॉल को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने डीज़ल जनरेटर तय मानकों के अनुरूप रखें, अन्यथा उन्हें सील किया जा सकता है।

    पुराने कचरे के स्थायी समाधान पर ज़ोर देते हुए मंत्री ने बताया कि दिल्ली की तीन प्रमुख लैंडफिल साइटों पर प्रतिदिन कचरा निस्तारण की क्षमता को लगभग 20,000 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 35,000 मीट्रिक टन कर दिया गया है। यह कदम वर्ष 2026 तक बायो-माइनिंग प्रक्रिया को पूर्ण करने के लक्ष्य के अनुरूप उठाया गया है। Delhi Pollution News