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    Third World War!: उत्तर कोरिया ने जापान के समुद्र की ओर 3 मिसाइलें दागीं, तीसरे विश्व युद्ध का बढ़ा खतरा!

    Third World War
    Third World War!: उत्तर कोरिया ने जापान के समुद्र की ओर 3 मिसाइलें दागीं, तीसरे विश्व युद्ध का बढ़ा खतरा!

    Third World War!: टोक्यो (एजेंसी)। उत्तर कोरिया ने 50 किलोमीटर की ऊंचाई पर 350 किलोमीटर तक उड़ान भरने वाली तीन मिसाइलें जापान के समुद्र की ओर दागीं है। क्योदो समाचार एजेंसी ने जापान के रक्षा मंत्रालय के हवाले से सोमवार को यह जानकारी दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि तीनों मिसाइलें जापान के समुद्र में गिरीं। इससे पहले दिन में, योनहाप समाचार एजेंसी ने बताया कि उत्तर कोरिया ने जापान के सागर की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी। इस साल यह बैलिस्टिक मिसाइल का दूसरा प्रक्षेपण था। पिछला 14 जनवरी को हुआ था। उत्तर कोरियाई राज्य संचालित समाचार एजेंसी केसीएनए ने फरवरी के मध्य में बताया कि प्योंगयांग ने सतह से समुद्र तक मार करने वाली एक नई मिसाइल, पदासुरी-6 का परीक्षण किया था। दक्षिण कोरियाई ज्वाइंट चीफ्स आॅफ स्टाफ ने उसी दिन कहा कि उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से जापान सागर की ओर कई अनिर्दिष्ट क्रूज मिसाइलें दागी थीं।

    विदेश की अन्य खबरें | Third World War!

    फ्रांस यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने में कर सकता है मदद: पुतिन

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि फ्रांस यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान में मदद कर सकता है। पुतिन ने संवाददाताओं से कहा “मैं वास्तव में चाहूंगा कि फ्रांस ऐसी भूमिका निभाए जिससे संघर्ष न बढ़े बल्कि इसके विपरीत यह शांतिपूर्ण समाधान के संभावित तरीकों के बारे में है। फ्रांस अपनी भूमिका निभा सकता है, अभी सब कुछ खत्म नहीं हुआ है।”

    कांगो में हमले में आठ शांति सैनिक घायल

    कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के कम से कम आठ शांति सैनिक (मोनुस्को) एक हमले में घायल हो गए। मोनुस्को ने शनिवार देर रात प्रकाशित एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यह हमला पूर्वी प्रांत उत्तरी किवु की राजधानी गोमा से लगभग 20 किमी दूर स्थित साके शहर में हुआ। मोनुस्को की प्रमुख बिंटौ कीता ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि पीड़ितों में से एक गंभीर रूप से घायल हो गया। ब्लू हेलमेट को कई हफ्तों से उत्तरी किवु में आॅपरेशन स्प्रिंगबॉक के हिस्से के रूप में तैनात किया गया है, जहां मोनुस्को और डीआरसी सशस्त्र बल (एफएआरडीसी) सशस्त्र समूहों, विशेष रूप से 23 मार्च आंदोलन (एम23) के विद्रोह का मुकाबला करने के लिए संयुक्त कार्रवाई कर रहे हैं। सुश्री कीता ने नागरिकों के खिलाफ सभी सशस्त्र समूहों की हिंसा को तत्काल रोकने का आह्वान करते हुए नागरिक आबादी की रक्षा के लिए एफएआरडीसी के साथ संयुक्त और एकतरफा गश्त को मजबूत करने के लिए मोनुस्को की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “मैं विशेष रूप से एम23 सशस्त्र समूह से हथियार डालने का आह्वान करती हूं।”

    हमास के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, राफा पर भी होगी चढ़ाई:नेतन्याहू

    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि उनका देश हमास के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई लक्ष्य पूरा होने तक जारी रखेगा और राफा में भी कार्रवाई शुरू करेगा। नेतन्याहू ने आज कहा कि उनका देश किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं आएगा। उन्होंने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इजरायल पर हमास के अक्तूबर के क्रूर आक्रमण को इतने जल्दी नहीं भूलना चाहिए और इजरायल के बजाय हमास के समर्थकों को ईरान पर दबाव डालना चाहिए। उन्होंने कार्यालय ने एक सरकारी बैठक के प्रारंभ में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए वक्तव्य को जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा , ह्ययदि हम इस युद्ध को उसके सभी लक्ष्यों को प्राप्त करने से पहले ही रोक देते हैं, तो इसका मतलब है कि इजराइल युद्ध हार जाएगा, और हम इसकी अनुमति नहीं देंगे।

    इसलिए, हम इस दबाव के आगे झुक नहीं सकते और न ही झुकेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कोई भी अंतरराष्ट्रीय दबाव हमें युद्ध के सभी लक्ष्यों को साकार करने से नहीं रोकेगा। हमरा लक्ष्य है- हमास को खत्म करना, हमारे सभी बंधकों को मुक्त कराना और यह सुनिश्चित करना कि गाजा फिर कभी इजरायल के लिए खतरा न बने। नेतन्याहू ने बैठक के प्रारंभ में कहा,‘ऐसा करने के लिए, हम राफा में काम करेंगे। हमास की हत्यारी ब्रिगेडों को खत्म करने का यही एकमात्र तरीका है, और हमारे सभी बंधकों को मुक्त कराने के लिए आवश्यक सैन्य दबाव का उपयोग करने का भी यही एकमात्र तरीका है। उन्होंने कहा, ‘इस उद्देश्य से, हमने राफा में कार्रवाई के लिए परिचालन योजनाओं को मंजूरी दे दी है, जिसमें युद्ध क्षेत्रों से नागरिक आबादी को निकालने के कदमों को आगे बढ़ाना भी शामिल है। सैन्य कार्रवाई से पहले यह एक जरूरी चरण है।

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