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Saturday, February 7, 2026
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    टीवी चैनल देखकर पैदा हुई आॅर्गेनिक खेती के प्रति दिलचस्पी

    Ogrenic vegetables

    सराहनीय। पहले गेहूं अब ओग्रेनिक सब्जियों के प्रति जागरूक कर रहे धर्मपाल खोथ (Ogrenic vegetables)

     खेत में पैदा हुए डेढ़ से ढाई किलो के खीरे बने चर्चा का विषय

    सच कहूँ/सुनील वर्मा-भगत सिंह सरसा/नाथूसरी चोपटा। आॅर्गेनिक खेती के प्रति किसानों में जागरूक पैदा करने के लिए सरकार व विभाग की ओर से अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जिन्हें देखकर किसानों ने भी अब आॅर्गेनिक खेती की ओर कदम बढ़ाने शुरू कर दिए है। ऐसे ही एक किसान हैं गांव अरनियांवाली निवासी 60 वर्षीय धर्मपाल खोथ, जिन्होंने टीवी चैनल पर आॅर्गेनिक खेती के बारे में देखा था, जिसे देखकर उनके मन में आॅर्गेनिक खेती के प्रति लालसा जागी। सर्वप्रथम जहां धर्मपाल खोथ ने आॅग्रेनिकगेहूं की खेती की और परिवार के लोग वही गेहूं खाने में इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं इस बार उन्होंने आॅर्गेनिक सब्जियों की काश्त कर ग्रामीणों के सामने आॅर्गेनिक खेती का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

    • हालांकि सब्जियों की काश्त उन्होेंने कुछ हिस्से में घर के लिए ही की थी,
    • कम लागत में उम्मीद से अधिक सब्जियों का उत्पादन हुआ।
    • किसान धर्मपाल ने आगामी समय में अन्य किसानों को भी आॅर्गेनिक सब्जियों व फसलों के प्रति जागरूक करने का मन बनाया है।

    ये बोले धर्मपाल खोथ

    किसान धर्मपाल बताते हैं कि बदलते समय के साथ-साथ किसानों की सोच भी अब बदलने लगी है। पुरानी परिपाटी को छोड़कर अब किसानों ने आॅर्गेनिक खेती की ओर रूख करना शुरू कर दिया है, जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। साधारण परिवार में जन्मे और कक्षा 8 तक पढ़े लिखे धर्मपाल खोथ ने बताया कि उनका शुरू से ही खेती के प्रति रूझान रहा है।

    उनके तीन बच्चे, जिनमें एक लड़का व दो लड़कियां हैं। लड़का भी खेतीबाड़ी करता है। वे पहले रेडियो पर खेती से संंबंधित सभी कार्यक्रम सुनते थे, वहीं अब रेडियो के गायब होने के बाद टीवी पर खेती से संबंधित चैनल को देखकर नई-नई तकनीक सीखते हैं। आॅर्गेनिक खेती के बारे में उन्होंने टीवी पर ही देखा था। जिसके बाद उनके मन में आॅर्गेनिक खेती के प्रति लालसा जागी। उन्होंने पहले डेढ़ एकड़ में गेहूं की काश्त की, जिसमें बहुत कम खर्च के बाद भी उत्पादन भी अधिक हुआ। परिवार के लोग उसी गेहूं को खाने में इस्तेमाल कर रहे हैं।

    • वहीं इस बार उन्होंने कुछ भूमि में आॅर्गेनिक सब्जियों की काश्त की।
    • इनमें खीरा, बंगा, हरी मिर्च व पेठा प्रमुख हैं।
    • धर्मपाल ने बताया कि उसकी उम्मीद से अधिक सब्जियों का उत्पादन हुआ।
    • बड़ी बात तो ये है कि डेढ़ से पौने दो किलो के खीरे गांव व आसपास के क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

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