Pakistan: जयशंकर और अयाज़ सादिक की मुलाकात को पाकिस्तान ने दिया तूल, भारत ने अपनाया सख्त रवैया

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नई दिल्ली/ढाका। पाकिस्तान ने 31 दिसंबर को ढाका में हुई एक औपचारिक मुलाकात को राजनीतिक रूप से बड़ा रूप देने का प्रयास किया है। यह संक्षिप्त भेंट भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष अयाज सादिक के बीच हुई थी। दोनों नेता बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए वहां उपस्थित थे। Pakistan News

यह मुलाकात उस समय हुई जब दोनों देशों के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण बने हुए हैं। वर्ष की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तीखापन आ गया था। ऐसे माहौल में यह वरिष्ठ स्तर का संपर्क महज औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित था, लेकिन पाकिस्तान की ओर से इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया।

पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल असेंबली सचिवालय ने एक प्रेस वक्तव्य जारी कर दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर स्वयं अयाज सादिक के पास पहुंचे और दोनों के बीच बातचीत हुई। इस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान ने कथित रूप से संयम, संवाद और सहयोगात्मक उपायों पर जोर दिया है, जिसमें शांति वार्ता और संयुक्त जांच के प्रस्ताव शामिल बताए गए हैं।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शोक संदेश बांग्लादेश के कार्यवाहक नेतृत्व को सौंपा। खालिदा जिया, जो बांग्लादेश की तीन बार प्रधानमंत्री रहीं और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की प्रमुख थीं, का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।

भारत–पाक संबंधों की पृष्ठभूमि | Pakistan News

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में गहरा तनाव देखने को मिला। भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राजनयिक संपर्कों में कटौती की और स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद और वार्ता एक साथ संभव नहीं हैं। इस क्रम में भारत ने कई नीतिगत निर्णय लिए, जिनमें सिंधु जल संधि में अपनी भागीदारी को अस्थायी रूप से निलंबित करना भी शामिल था। यह संधि वर्ष 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई थी।

इसके अलावा, सीमा पार आवागमन और अन्य द्विपक्षीय गतिविधियों पर भी रोक लगाई गई। भारत ने दोहराया कि किसी भी प्रकार की बातचीत के लिए आतंकवाद के विरुद्ध ठोस कार्रवाई और निर्दोष नागरिकों पर हुए हमलों के लिए जवाबदेही आवश्यक है।

इसी पृष्ठभूमि में भारत ने 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई पहलगाम हमले के प्रति भारत की सख्त प्रतिक्रिया के रूप में देखी गई। Pakistan News