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Wednesday, March 25, 2026
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    सीमा पर तनाव के बीच पंचकूला ने मांगी सैन्य उपकरण फैक्ट्री

    Panchkula sought military equipment factory amid tension on the border

    एचएमटी की जमीन पर उद्योग लगवाना चाहते है विस अध्यक्ष

    • सीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखा पत्र
    सच कहूँ/अश्वनी चावला चंडीगढ़। भारत चीन सीमा पर तनाव के बीच हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने पंचकूला जिले में स्थित एचएमटी की जमीन पर सैन्य उपकरण उद्योग लगाने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। कोविड-19 संकटकाल के दौरान प्रधानमंत्री की ओर से घोषित किए गए 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज के तहत यह उद्योग लगाने की बात कही गई है। ज्ञान चंद गुप्ता की यह मांग पंचकूला के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि 20 लाख करोड़ रुपए के एक हिस्से से रक्षा मंत्रालय की ओर से सैन्य उपकरण उद्योग लगाया जाना है।
    उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बड़े उद्योग के लिए बड़ी मात्रा में भूमि की आवश्यकता होगी। सैन्य उपकरण उद्योग की दृष्टि से पंचकूला के पास खाली पड़ी एचएमटी की करीब 800 हेक्टेयर जमीन सबसे उपयुक्त साबित होगी। यह क्षेत्र चंडी मंदिर स्थित कैंटोनमेंट एरिया, भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल और टर्मिनल बैलेस्टिक रिसर्च लैबोरेट्री के पास है, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से यह बेहतर जगह है। पंचकूला शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के साथ ही यह क्षेत्र रेलवे स्टेशन के साथ भी जुड़ा हुआ है। चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से भी यह मात्र 25 किलोमीटर दूर है। इतना ही नहीं यहां पर मशीनरी, कार्यालयों के लिए जगह, कार्यशाला, क्लब, स्टाफ के लिए आवास, खेल मैदान, अस्पताल, दैनिक उपयोग की वस्तुओं के लिए मार्केट और स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। इन सभी संसाधनों का आवश्यकता अनुसार नवीनीकरण कर सैन्य उपकरण उद्योग के लिए प्रयोग किया जा सकता है। शिवालिक की तलहटी में स्थित होने के कारण यह क्षेत्र प्रदूषण मुक्त भी है।
    प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि हरियाणा सरकार पंचकूला में बहु तकनीकी एवं कौशल विकास केंद्र और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना पहले ही कर चुकी है। इन संस्थानों में करीब 150 प्रकार के कोर्स करवाए जाते हैं। सैन्य उपकरण उद्योग की आवश्यकताओं को देखते हुए इन संस्थानों में और कोर्स जोड़े जा सकते हैं। इसके साथ ही ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा की पंचकूला में बड़ी संख्या में अनुभवी पूर्व सैनिक रहते हैं। सेना की पश्चिम कमान का केंद्र भी यही स्थित है। इसलिए यहां का माहौल इस प्रकार के उद्योग के लिए पूरी तरह से उपयुक्त है। ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि इस प्रस्ताव पर पंचकूला विकास सलाहकार समिति की बैठक में भी व्यापक विमर्श हुआ है। समिति के सभी सदस्य इसको लेकर उत्साही हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का उद्योग स्थापित होने से हरियाणा विशेषकर पंचकूला जिले में आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा। इस उद्योग से बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा, जिसका लाभ हरियाणा के साथ-साथ सीमावर्ती हिमाचल प्रदेश के युवाओं को भी होगा।

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