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    कड़ाके की ठंड में भी पॉवरकॉम लगा रहा ‘बिजली के कट’

    Patiala News
    सांकेतिक फोटो

    बिजली की मांग 6300 मेगावाट, सरकारी और प्राईवेट थर्मलों के यूनिट चल रहे

    • बिजली कर्मचारी ऊपर से कट लगाए जाने के आदेशों की दे रहे दुहाई

    पटियाला। (सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर) कड़ाके की पड़ रही ठंड में भी पॉवरकॉम बिजली के कट लगा रहा है। ग्रामाी क्षेत्रों में रोजाना ही बड़े-बड़े कट लग रहे हैं और लोग इस बात से हैरान हैं कि सर्दी में कैसे बिजली किल्लत पैदा हो गई है। जानकारी के अनुसार राज्य में ठंड के प्रकोप के कारण लोग ठिठुर रहे हैं और बिजली खपत में भी कमी आई हुई है। सीएम के जिला संगरूर सहित पटियाला जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दिन में कई-कई घंटों के कट लग रहे हैं। वैसे बीते दिनों पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने दावा किया था कि पंजाब को झारखंड की खान से कोयला आना शुरू हो गया है और अब पंजाब में 30 सालों तक बिजली की कमी नहीं आएगी। सोशल मीडिया पर भी लोगों द्वारा पोस्टें डाली जा रही हैं कि ठंड में बिजली की कैसे कमी पैदा हो गई है, जोकि बिजली नहीं आ रही।

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    इधर जब गतदिवस बिजली की मांग देखी गई तो शाम को यह मांग 6300 मैगावाट पर चल रही थी। पंजाब में 300 यूनिट मुफ्त बिजली के कारण पिछले सालों से बिजली की खपत बढ़ी है। सरकारी थर्मलों और प्राईवेट थर्मलों के सिर्फ 3 यूनिट ही बंद हैं, जबकि बाकी चल रहे हैं। सरकारी रोपड़ थर्मल प्लाट के चारों यूनिट चल रहे हैं और जबकि लहरा मुहब्बत थर्मल प्लांट के 3 यूनिट चल रहे हैं। सरकारी थर्मलों से 1250 मैगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। इसी तरह अगर प्राईवेट थर्मल प्लांट की तरफ देखा जाए तो राजपुरा थर्मल प्लांट पूरी क्षमता के साथ चल रहा है और यहां 1337 मैगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। इसी तरह ही तलवंडी साबों थर्मल प्लांट का एक यूनिट बन्द है और चल रहे दोनों यूनिटों से 1190 मैगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। गोइन्दवाल साहिब थर्मल प्लांट का एक यूनिट बन्द है और जबकि एक यूनिट से 250 मैगावाट बिजली उत्पदान हो रहा है।

    बिजली की कमी नहीं, तकनीकी दिक्कत : डायरैक्टर जनरेशन

    इधर बिजली कटों संबंधी जब पॉवरकॉम के डायरैक्टर जनरेशन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि किसी तकनीकी नुक्स के कारण कट लग सकते हैं, लेकिन बिजली की कोई कमी नहीं है। जब उन्हें बताया गया कि पिछले कई दिनों से ऐसा हो रहा है और रोजाना नुक्स नहीं हो सकता तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते कहा कि फीडर का नाम बताओ, हम चैक करवा लेते हैं। जब उन्हें बताया गया कि संबंधित कर्मचारियों द्वारा कहा जा रहा है कि पीछे से कट लगाने संबंधी निर्देश हैं और उसके बाद ही कट लगता है तो उन्होंने ऐसी किसी बात से इन्कार कर दिया।

    संगरूर जिले के कुलविन्द्र सिंह नदामपुर, हैपी सिंह का कहना है कि दिन में बड़े-बड़े कट लग रहे हैं। जबकि संबंधित बिजली ग्रिडों में फोन कर जानकारी ली जाती है तो संबंधित कर्मचारी कहते हैं कि पावर कट लगे हुए हैं। जब ठंड में पावर कटों का कारण पूछा जाता है तो ऊपर से आदेश होने की बात कहकर फोन रख देते हैं। इसी तरह जिला पटियाला के भगवंत सिंह और रूप सिंह ने भी कटों की परेशानी के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से दिन और शाम को कट लग रहे हैं।

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