धारा 129 से ग्रामीण जोन में संपत्ति अपराधों में आई रिकॉर्ड गिरावट
- ग्रामीण क्षेत्र में निवारक कार्रवाई से अपराध पर सख्त लगाम,भविष्य में भी जारी रहेगा ये अभियान :गौड़
- वर्ष 2025 में 35 आदतन अपराधियों की नई हिस्ट्रीशीट खोली गई
गाजियाबाद (सच कहूँ/रविंद्र सिंह)। Ghaziabad News: पुलिस आयुक्त जे. रविंद्र गौड़ के निर्देशन में कमिश्नरेट गाजियाबाद के ग्रामीण जोन द्वारा वर्ष 2025 में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 129 के अंतर्गत की गई निवारक कार्रवाई ने संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया है। सक्रिय और रणनीतिक पुलिसिंग के चलते वर्ष 2025 में ग्रामीण जोन में अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास में इजाफा हुआ है।
अपराध से पहले रोकथाम पर रहा फोकस | Ghaziabad News
पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य अपराध होने से पहले ही उसे रोकना रहा, विशेषकर लूट, चोरी, वाहन चोरी और गृह भेदन जैसे संपत्ति संबंधी अपराधों पर। इसी रणनीति के तहत वर्ष 2025 में धारा 129 बीएनएसएस के अंतर्गत कार्रवाई की संख्या में बड़ा इजाफा किया गया।
धारा 129 के तहत कार्रवाई में कई गुना बढ़ोतरी
ग्रामीण जोन में वर्ष 2024 में जहां धारा 129 के तहत 175 कार्रवाई की गई थीं, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 2848 तक पहुंच गई।
इनमें से 1884 कार्रवाई शरीर संबंधी अपराधों से जुड़े व्यक्तियों पर तथा 964 कार्रवाई संपत्ति संबंधी अपराधों से जुड़े अपराधियों के विरुद्ध की गई।
धारा 152 के तहत भी सख्त कदम
निवारक कार्रवाई को और मजबूत करते हुए ग्रामीण जोन में धारा 152 बीएनएसएस के तहत वर्ष 2025 में 3832 मामलों में कार्रवाई की गई, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या मात्र 7 थी।
अवैध संपत्ति जब्ती और अन्य निवारक कदम
ग्रामीण जोन में संगठित अपराधियों द्वारा अर्जित अवैध संपत्ति के विरुद्ध धारा 107 बीएनएसएस के अंतर्गत लगभग 18.48 लाख रुपये की संपत्ति जब्ती की कार्रवाई न्यायालय में प्रचलित है।इसके अतिरिक्त धारा 111/112 बीएनएसएस के तहत 12 अभियोग पंजीकृत कर 34 अभियुक्तों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
गैंगस्टर एक्ट के तहत 23 मुकदमे, 113 आरोपी | Ghaziabad News
अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 के तहत ग्रामीण जोन में 23 अभियोग दर्ज किए गए, जिनमें 113 अभियुक्तों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, संपत्ति अपराध, धोखाधड़ी और गोकशी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
हिस्ट्रीशीटरों पर कड़ी निगरानी
वर्ष 2025 में 35 आदतन अपराधियों की नई हिस्ट्रीशीट खोली गई, जबकि निष्क्रिय या मृत 25 हिस्ट्रीशीट बंद कर दी गईं। इससे निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया।
पुलिस मुठभेड़ों में 120 वांछित अपराधी गिरफ्तार
गंभीर अपराधों में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए गए अभियान के तहत वर्ष 2025 में 63 पुलिस मुठभेड़ों के दौरान 120 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
संपत्ति अपराधों में आई बड़ी गिरावट
तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण जोन में ,लूट के मामलों में 63 फीसद की कमी,झपटमारी में 13.55 फीसद की कमी,गृह भेदन में 13.51 फीसद की कमी,वाहन चोरी में 22.50 फीसद की कमी,अन्य चोरी के मामलों में 39.61 फीसद की कमी दर्ज की गई है। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि निवारक कार्रवाई से अपराधियों में भय और निरोधक प्रभाव पैदा हुआ है।
बीट पेट्रोलिंग और सीमाओं पर सख्ती
पुलिस ने बीट पेट्रोलिंग, रात्रि गश्त, संवेदनशील क्षेत्रों में दृश्य उपस्थिति, बाजारों व आवासीय कॉलोनियों में निगरानी और राज्य व जिला सीमाओं पर बैरियर चेकिंग को भी सुदृढ़ किया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई।
धारा 129 का उद्देश्य दंड नहीं, रोकथाम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बीएनएसएस की धारा 129 का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि अपराध की रोकथाम करना है। इसके तहत संदिग्ध और आदतन अपराधियों को शांति एवं सदाचार बनाए रखने के लिए पाबंद किया जाता है, जिससे समय रहते अपराध रोके जा सकें।
जन सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध गाजियाबाद पुलिस
गाजियाबाद पुलिस आयुक्त श्री गौड़ ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को सुरक्षित, संरक्षित और अपराध मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में भी निवारक कार्रवाई का यह अभियान लगातार जारी रहेगा और समय-समय पर इसकी समीक्षा कर अपराधों में स्थायी कमी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत की जा सके।
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