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    राजस्थान विवाद के बाद, अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस से बाहर!

    Jaipur News
    Sanjeevani scam case: सीएम गहलोत की अपील पर सुनवाई पूरी

    विधायकों को आशंका थी कि पीठ में छूरा घोंपने वालो को मुख्यमंत्री बना दिया जायेगा-धारीवाल

    जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कहा है कि कांग्रेस विधायकों को यह आशंका थी कि कांग्रेस की पीठ में छूरा घोंपने वाले लोगों को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा दिया जायेगा। धारीवाल ने राज्य में नये मुख्यमंत्री पर चले घटनाक्रम पर आज यहां मीडिया से यह बात कही। वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान विवाद के कारण अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस से बाहर हो गए हैं। उधर धारीवाल ने कहा कि रविवार को होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक में केवल एक लाइन का प्रस्ताव पास होने एवं उनकी बात नहीं सुनी जाने की आशंका के चलते विधायक उनके निवास पर उनसे मिलने आये और बात सुनते सुनते रात की आठ बज गई। उन्होंने कहा कि बैठक में जाने के लिए किसी ने मना नहीं किया लेकिन उनकी बात तो सुननी चाहिए। जब बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पास होना है तो इसका मतलब हैं कि किसी की बात नहीं सुनना चाहते। उन्होंने कहा कि एक लाइन का प्रस्ताव किस लिए मांगा जा रहा है। हमारी बात सुनी जानी चाहिए।

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    क्या है मामला

    धारीवाल ने कहा कि जिस प्रकार घटनाक्रम हुआ, निष्ठावान कांग्रेस के 102 विधायकों ने एक महीने तक अलग रहकर कांग्रेस को बचाने का काम किया और राज्य की कांग्रेस सरकार बचाई। इन विधायकों को आशंका थी कि कहीं मुख्यमंत्री की कुर्सी पर उन लोगों को न बैठा दिया जाए, जिन्होंने कांग्रेस की पीठ में छूरा घोंपा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि रविवार रात को 92 विधायकों ने इस्तीफा दिया हैं और सभी ने अलग अलग अपने इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष डा सी पी जोशी के घर जाकर उन्हें सौंपे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के पास जाकर अपने इस्तीफे स्वीकार करने के लिए कहा जायेगा। कांग्रेस पर्यवेक्षक एवं प्रदेश प्रभारी अजय माकन के श्री धारीवाल के घर बैठक करने को अनुशासनहीनता मानने पर श्री धारीवाल ने कहा कि अगर इसे अनुशासनहीनता मानते हैं तो मानते है। लेकिन कल रात जब वह उनसे मिले तो उन्होंने उनसे एक बार भी नहीं कहा कि आपने अनुशासन तोड़ा है।

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