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    ‘रूह दी’ हनीप्रीत इन्सां ने भेजा संदेश, गुरु जी का संदेश जन-जन तक पहुंचाया

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    सरसा। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की बेटी ‘रूह दी’ हनीप्रीत इन्सां ने इंस्ट्राग्राम पर नई रील अपलोड की है। रील देखने के लिए इस पर क्लिक करें।

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    हर वर्ष 22 अप्रैल खास होता है क्योंकि विश्व पृथ्वी दिवस (Earth Day 2023) मनाया जाता है। पृथ्वी दिवस प्रकृति के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। समय के साथ- नई चुनौतियों के बीच प्रकृति और धरती को बचाने की जरूरत है। पृथ्वी दिवस की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है ताकि विकास की दौड़ में पर्यावरण की रक्षा की जिम्मेदारी धूमिल न हो। वहीं पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की बेटी ‘रूह दी’ हनीप्रीत इन्सां ने पृथ्वी दिवस पर ट्वीट कर लिखा,‘ पृथ्वी दिवस एक अनुस्मारक है कि हमारा ग्रह एक अनमोल संसाधन है जिसे हमें संजोना और संरक्षित करना चाहिए। आइए एक स्थायी भविष्य की दिशा में कदम उठाते हुए और सभी के लिए एक उज्जवल कल बनाकर जश्न मनाएं।

    वातावरण स्वच्छ होगा तो ही भगवान, अल्लाह की याद आएगी: पूज्य गुरू जी

     पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इस घोर कलयुग में परहित, परमार्थ करना मुश्किल है। लोग सिर्फ अपने बारे में सोचते रहते हैं, परंतु धन्य हैं वो मां-बाप जिनकी संतान परहित और दूसरों के भले के लिए परमार्थ करती है। पूज्य गुरू जी फरमाते हैं कि अगर हमारे आसपास का वातावरण (Environment) स्वच्छ होगा तो ही भगवान, अल्लाह की याद आएगी तथा अंदर से विकार निकलेंगे। गंदगी से बैक्टिरीयां, बीमारियां पैदा होती हैं जिससे इंसान की मानसिकता गिरती है, इंसान, इन्सान न रहकर राक्षस बन जाता है। जिसका सौ प्रतिशत संबंध सफाई से है।

    इसलिए अपने आसपास के वातावरण (Environment) को साफ-सुथरा रखें। अगर आप सब अपने आस-पास सफाई रखोगे तो ये आपके लिए और आपकी औलाद के लिए ही फायदेमंद होगा। जिस प्रकार हम अपनी रसोई और घर को साफ रखते हैं उसी भांति अपने आसपास के क्षेत्र को भी साफ रखें और पेड़-पौधे भी लगाएं। पेड़-पौधे आपके प्रति सौ प्रतिशत वफादार होंगे, भले ही आपकी औलाद हो ना हो। आप जी ने फरमाया कि गंदगी मत फैलाओ इससे विकार पैदा होते हैं।

    शुद्ध वातावरण (Environment) से आत्मबल बढ़ेगा और आत्मबल बढ़ेगा तो सफलता आपके कदम चूमेगी। आप जी ने आह्वान किया कि आस पास के वातावरण को तो स्वच्छ रखना ही चाहिए साथ ही ईश्वर, अल्लाह, राम की भक्ति, इबादत करके अपने अंत:करण से ठगी, भ्रष्टाचार, बेईमानी, कन्याभू्रण हत्या, मांसाहार, नशे इत्यादि को त्यागकर अपने अंदर की भी सफाई रखनी चाहिए।

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