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Tuesday, March 24, 2026
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    डॉलरों की चमक ने की आईलैटस कोचिंग सेंटरों की चांदी

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    आईलैट्स सेंटरों ने जमाया मार्केट पर कब्जा

    संगरूर(गुरप्रीत सिंह)। विदेशों में पढ़ाई की मोटी फीसों के बावजूद पंजाब के लड़के-लड़कियों में डॉलरों की चमक दमक के सपने दिनों दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। आज हर रोज सैंकड़ों की संख्या में पंजाब के विभिन्न स्थानों से युवा अमेरिका, कनाडा, आॅस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड जैसे देशों में जाने वाले जहाजों में चढ़ रहे हैं।

    युवाओं की विदेश जाने की इतनी बड़ी लालसा को देख कर आईलैट्स करवाने वाले विभागों व वीजा लगा कर बाहर भेजने वाले एजेंटों ने पंजाब के कारोबार पर अपनी पकड़ कायम कर ली है, जिस का सीधा प्रभाव अन्य निजी कॉलेजों व सरकारी कालेजों पर जबरदस्त हो रहा है। हासिल की जानकारी मुताबिक आज पंजाब में से हर रोज तकरीबन 100 से 150 लड़के-लड़कियां वीजा लगवा कर बाहर के देशों को जहाज चढ़ रहे हैं।

    यह संख्या सिर्फ सही तरीके से वीजा हासिल करने वालों की है जब कि बड़ी संख्या में युवा धोखेबाज एजेंटों के हत्थे चढ़ कर गलत तरीके से भी विदेशों की धरती पर पैर रखने के लिए तत्पर हो रहे हैं। ऐसे गलत तरीकों से फंसे हुए युवाओं की बड़ी संख्या में वीडियो सोशल मीडिया पर आम देखी जा सकती है जो फंसे हुए मदद की गुहार लगा रहे हैं।

    मैंबर पार्लियामेंट भगवंत मान द्वारा ऐसे फंसे हुए कई युवाओं को साऊदी अरब व अन्य देशों में से वापिस भारत लाया गया है। आज हालात यह हो गए हैं कि अधिकतर गांवों के युवा जो मध्यम वर्गीय परिवारों से सबंधित हैं, वह भी किसी न किसी तरीके से बाहर जाने का सपना संजोए बैठे हैं वह किसी भी हालत में बाहर जाने के लिए अपने माता-पिता को मजबूर कर रहे हैं।

    विदेशों में भी काम के पड़े लाले

    अमेरिका में रह रहे युवा हरजीत सिंह ने बताया कि अमेरिका, कनाडा जैसे देशों में भी भारतियों की संख्या बढ़ने के कारण कामकाज कम ही मिल रहा है, जिस कारण बड़े स्तर पर लड़के-लड़कियां को पढ़ाई करने उपरांत मायूस होकर वापिस भारत लौटना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पंजाबी विद्यार्थी अधिक संख्या में लोन वगैरह लेकर या जमीन बेच कर इन देशों में काम करने के लिए पढ़ाई का आसरा लेते हैं परन्तु जब उनको काम नहीं मिलता तो वह मजबूरन गलत कामों की तरफ धकेले जा रहे हैं इस का खुलासा प्रसिद्ध कारोबारी विनय हैरी ने अपने एक इंटरव्यू में भी किया था कि कनाडा में आज विद्यार्थियों को कोई काम नहीं मिल रहा।

    18 हजार रुपये प्रति माह फीस ले रही आईलैट्स कोचिंग सैंटर

    लड़के-लड़कियों के विदेशों में जाने के रुझान को देखते विभिन्न शहरों व कस्बों में हजारों की संख्या में आईलैट्स सैंटर खुल चुके हैं जो अपनी अपने स्तर पर विद्यार्थियों को अंग्रेजी भाषा बोलना, लिखना, सुनना और पढ़ने संबंधी शिक्षा दे रहे हैं पंजाब के बहुत से विद्यार्थियों से 9500 रूपये से ले कर 10,000 रुपये प्रति माह फीस ली जा रही है। चण्डीगढ़ और मोहाली में यह फीस 18,000 तक पहुंच गई है, जिसमें 8 घंटे की कक्षा लगाई जाती है। यह कोर्स तकरीबन 45 दिनों का होता है

    कनाडा में रिहायश के लिए देना पड़ता पांच लाख सालाना

    कनाडा में जाने के चाह्वानों की संख्या सब से अधिक है बेशक कनाडा जाने का आधार पढ़ाई बनाया जाता है परंतु वास्तव में वहां काम कर गुजर बसर करना ही होता है। मौजूदा समय में कनाडा के किसी कॉलेज में दाखिला लेने के लिए कम से -कम एक साल की 8 लाख रुपये फीस भरनी पड़ती है, इसके अलावा 5 लाख रुपए विद्यार्थी को वहां रहने (अकंमोडेशन) का देना पड़ता है। इसके अलावा तैयारी के लिए भी कम से कम डेढ़ लाख रुपये का खर्चा हो जाता है।

    अन्य कॉलेजों के दाखिले बुरी तरह हुए प्रभावित

    बच्चों के इस तरफ रुझान के साथ पंजाब के विभिन्न निजी और सरकारी कॉलेजों में दाखिलों की संख्या बुरी तरह के साथ कम रही है इस संबंधी बातचीत करते संगरूर के प्रसिद्ध कॉलेज नेशनल नर्सिंग इंस्टीट्यूट के डॉयरैक्टर शिव आर्य ने बताया कि पिछले माह दौरान नर्सिंग में दाखिले में 25 प्रतिशत कमी आई है। उन्होेंने कहा कि आज -कल विद्यार्थियों का लक्ष्य 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई करने उपरांत आईलैट्स करने के बाद बाहर जाने का ही हो चुका है, जिस कारण बच्चे नर्सिंग, इंजीनियर आदि कोर्सों से मुंह फेर रहे हैं।

    बेरोजगारी भी है बड़ा कारण

    इस संबंधी बातचीत करते समाज सेवी मोहन शर्मा ने बातचीत दौरान कहा कि आज पंजाब का हर तीसरा युवा बाहर के देश में जाने के बारे में सोच रहा है। इसका यह भी कारण है कि पंजाब में बड़े स्तर पर बेरोजगारी है आज लाखों युवा डिग्रियां हासिल कर सड़कों की खाक छान रहे हैं, उनको नौकरियां नहीं मिल रही, जिस कारण उनका मन बाहर के देशों में जाकर कमाई कर अच्छे माहौल-सुविधा में रहने का बना हुआ है। युवा नेता रुपिन्दर धीमान किक्की ने कहा कि यदि सरकारें पढ़े-लिखे युवाओं को अपने देश में ही रोजगार दें तो वह अपना देश छोड़ कर पराए देश जा कर क्यों रहें?

    आईलैट्स सैंटर

    • पटियाला 75
    • बठिंडा 35
    • संगरूर 25
    • बरनाला 20

     

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