हमसे जुड़े

Follow us

19.2 C
Chandigarh
Friday, February 27, 2026
More
    Home चंडीगढ़ Punjab: सरकार...

    Punjab: सरकार ने किए नकल रोकने के पुख्ता प्रबंध, 278 उड़न दस्ते रखेंगे ‘पैनी नजर’

    Punjab
    फाईल फोटो

    पंजाब सरकार परीक्षा के स्तर व मर्यादा को बनाए रखने के लिए वचनबद्ध: बैंस

    • शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश, सीमावर्त्ती क्षेत्रों के स्कूलों पर दें विशेष ध्यान | Punjab

    चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Punjab Board Exam: पंजाब में 8वीं, 10वीं व 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में नकल को पूरी तरह रोकने के लिए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) द्वारा 278 उड़न दस्ते बनाए गए हैं व हर टीम में तीन सदस्य होंगे। यह टीम न सिर्फ छापेमारी करेगी, बल्कि नकल कर रहे विद्यार्थियों सहित नकल करवा रहे अध्यापकों को भी पकड़ने का काम करेगी। इस उड़न दस्ते के काम में कोई भी सरकारी या गैर सरकारी व्यक्ति दखल नहीं देगा व इनको अपना काम करने की खुली छूट होगी। Punjab

    शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने रविवार को बताया कि बोर्ड परीक्षाएं निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से करवाने प्रति सीएम भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कर वचनबद्धता पर चल रही है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इन उड़न दस्तों का नेतृत्व जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ), प्रिंसीपलों, पीएसईबी के सदस्यों व बोर्ड की अकादमिक कौंसिल के सदस्यों द्वारा की जाएगी। यह टीमें नकल को रोकने के लिए परीक्षा केन्द्रों की चैकिंग भी करेंगी। Punjab

    बैंस ने बताया कि राज्य में 8.82 लाख से अधिक विद्यार्थी 8वीं, 10वीं व 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में बैठ रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह बड़ी संख्या विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को दिशा देने में इन परीक्षाओं की महत्तता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परीक्षा के स्तर व मर्यादा को बरकरार रखने व यह यकीनी बनाने के लिए वचनबद्ध है कि हर विद्यार्थी को अपने ज्ञान व हुनर का प्रदर्शन करने का उचित व समान अवसर मिले। उन्होंने कहा कि सच्ची सफलता गलत तरीकों की बजाय समर्पण, लगन, निरंतर मेहनत व अथक प्रयासों से मिलती है। पढ़ाई के लिए अपने आप को समर्पित कर व चुनौतियों का सामना कर, विद्यार्थी अपने हुनर को निखार सकते हैं व ज्ञान हासिल कर सकते हैं, जो हमेशा उनके विकास में अहम भूमिका निभाता है। Punjab

    उन्होंने कहा कि शिक्षा सिर्फ परीक्षा पास करना नहीं है, बल्कि यह व्यक्तिगत विकास व चरित्र निर्माण का साधन भी है। कड़ी मेहनत कर विद्यार्थी न सिर्फ अपनी अकादमिक योग्यताओं में विस्तार कर सकत हैं, बल्कि अनुशासन व ईमानदारी जैसे गुण भी पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि यह गुण सिर्फ अकादमिक क्षेत्र के साथ-साथ जीवन के सभी पहलुओं के लिए जरूरी हैं, जो उनको जिदंगी की चुनौतियों को पार करने में मदद करते हैं। Punjab

    यह भी पढ़ें:– Road Accident: पिकअप व कार की टक्कर, बुआ-भतीजे की मौत, तीन गंभीर

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here