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    Haryana-Punjab Weather News: हरियाणा-पंजाब में इस तारीख को फिर से होगी झमाझम बारिश, मौसम विभाग का आया ताजा अपडेट

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    Haryana-Punjab Weather News: हरियाणा-पंजाब में इस तारीख को फिर से होगी झमाझम बारिश, मौसम विभाग का आया ताजा अपडेट

    Haryana-Punjab Weather News: हिसार, सच कहूँ/संदीप सिंहमार। उत्तर भारत मे मौसम बदलाव की आशंका के बीच गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। अब रात्रि के न्यूनतम तापमान के साथ-साथ दिन का अधिकतम तापमान भी बढ़ने लगा है। राजस्थान के बाड़मेर में जहां अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया वहीं हरियाणा के रोहतक का तापमान भी 38.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। हालांकि राजस्थान में के कोटा संभाग में कहीं कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की वर्षा दर्ज की गई। शेष राज्य में मौसम शुष्क रहा। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि शनिवार तक मौसम आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तरपश्चिमी व पश्चिमी हवाएं चलने की संभावना से विशेषकर दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। भारत मौसम विभाग व निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के अनुसार राजस्थान व हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली एनसीआर में 7 से 10 अप्रैल के बीच झुलसा देने वाली गर्मी पड़ने की संभावना है। इस दौरान सीजन में पहली बार हरियाणा व दिल्ली का तापमान भी राजस्थान की तरह अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से भी पार जा सकता है। 9 और 10 अप्रैल को हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है।

    अप्रैल महीने में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान सामान्य | Haryana-Punjab Weather News

    अप्रैल के महीने में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान का 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक पहुंचना कोई असामान्य घटना नहीं है। पिछले 20 वर्षों में केवल एक बार 2012 में अप्रैल की महीने में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस का स्तर तक नहीं पहुंचा था। अप्रैल 2012 एक विशेष साल था, जब पूरे महीने में सबसे अधिक तापमान 38.7 सेल्सियस ही रहा, जो 4 अप्रैल को दर्ज किया गया था। आमतौर पर, अप्रैल का आखिरी सप्ताह सबसे गर्म होता है, लेकिन 2012 में ऐसा नहीं हुआ। पिछले 20 वर्षों में 11 बार अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया और 3 बार तापमान 43 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। अप्रैल महीने क अब तक का सर्वाधिक तापमान 45.6 सेल्सियस रहा है, जो 29 अप्रैल 1941 को दर्ज हुआ था।

    पश्चिमी विक्षोभ और तापमान पर प्रभाव

    एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पहाड़ियों से गुजर रहा है। इसके प्रभाव से दिल्ली के आसपास हल्की बादल छा सकते हैं। 4 अप्रैल और 5 अप्रैल को सतही हवाएँ तेज़ रहेंगी, जिससे इस सप्ताह तापमान 40 डिग्री के पार नहीं जाएगा वहीं, 6 अप्रैल के बाद निचले स्तर की हवाएँ धीमी हो जाएंगी। साथ ही 8 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के हिस्सों में पहुंचेगा। हालांकि, 09 और 10 अप्रैल को हल्की बूंदाबांदी संभावित है, लेकिन यह गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए काफी नहीं होगी।

    अप्रैल के दूसरे हिस्से में बढ़ेगी गर्मी | Haryana-Punjab Weather News

    अप्रैल के दूसरे हिस्से में गर्मी का असर और अधिक महसूस किया जाएगा तापमान लगातार ऊँचे स्तर पर बना रहेगा और गर्म हवाएँ चलने की संभावना रहेगी। इसलिए, अप्रैल की दूसरे भाग में लोगों को तेज धूप और गर्मी से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतनी होगी।