नाथूसरी चोपटा (सच कहूँ/भगत सिंह)। हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित सहायक प्रोफेसर के अंतिम परिणाम में सरसा जिले के नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के तीन युवाओं ने सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सीमांत किसान के बेटे से लेकर शिक्षक परिवारों तक, इन अभ्यर्थियों की उपलब्धि से गांवों में खुशी का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। गांव हंजीरा निवासी सुदेश कुमार का चयन इतिहास विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में हुआ है। Sirsa Newsसुदेश इससे पहले हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत रहे हैं और वर्तमान में फतेहाबाद में सेवाएं दे रहे हैं। वहीं गांव रुपाणा गंजा के डॉ. सतबीर न्योल और सपना चिरानिया का भी चयन हुआ है। डॉ. सतबीर न्योल ने अपने करियर की शुरूआत वर्ष 1998 में हरियाणा विद्यालय शिक्षा विभाग में जेबीटी शिक्षक के रूप में की थी। वर्तमान में वे जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) डिंग, सरसा में प्रवक्ता के रूप में कार्यरत हैं।

सेल्फ स्टडी में विश्वास रखने वाले डॉ. न्योल की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा बनी है। वहीं सपना चिरानिया, जो राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नाथूसरी चोपटा में हिंदी प्रवक्ता के रूप में कार्यरत हैं, ने भी इतिहास विषय में सहायक प्रोफेसर पद हासिल किया। तीनों अभ्यर्थियों की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों, सामाजिक संगठनों और शिक्षाविदों ने हर्ष व्यक्त करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है। Sirsa News















