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    टाइम कैपशूल स्कूल की परंपरा और भविष्य के लिए विरासत: सुसन होम्स

    Ghaziabad
    Ghaziabad टाइम कैपशूल स्कूल की परंपरा और भविष्य के लिए विरासत: सुसन होम्स

    गाजियाबाद (सच कहूँ/रविंद्र सिंह)। शास्त्री नगर स्थित नेहरू वर्ल्ड स्कूल, गाजियाबाद के प्रांगण में एक विशेष और ऐतिहासिक आयोजन के तहत ‘टाइम कैप्सूल’ को जमीन में दबाया गया। सुबह 11:30 बजे हुए इस आयोजन में शैक्षणिक सत्र 2024-25 की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी वस्तुओं और जानकारियों को एकत्र कर इस कैप्सूल में संरक्षित किया गया। यह जानकारी स्कूल प्रवक्ता नेहा चौधरी और पूर्णिमा चौधरी ने दी। उन्होंने बताया कि यह टाइम कैप्सूल 14 वर्षों की निश्चित अवधि के बाद अगस्त 2039 में खोला जाएगा।बताया कि इस टाइम कैप्सूल में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए पेंटिंग्स, क्राफ्ट आइटम, सॉफ्ट खिलौने, स्कूल डायरी , विभिन्न कार्यक्रमों की तस्वीरें, परीक्षा प्रश्नपत्र, वर्तमान मुद्रा, डाक टिकट , और आज दिनांक के सभी प्रमुख समाचार पत्रों की प्रतियां भी शामिल की गई हैं। साथ ही छात्रों और शिक्षकों द्वारा भविष्य के नाम भेजे गए संदेश,फोन नंबर और वर्तमान सत्र की पाठ्यक्रम योजनाएं भी इसमें रखी गईं।

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    कार्यक्रम के दौरान स्कूल की एग्जीक्यूटिव हेड सुसन होम्स ने कहा,टाइम कैप्सूल स्कूल की परंपरा से जुड़कर दो पीढ़ियों के बीच एक पुल का कार्य करेगा। यह 14 वर्षों बाद जब हम इसे खोलेंगे, तब यह आज की सृजनात्मकता, जीवन-मूल्य और सीखने की जिज्ञासा का दर्पण बनकर उभरेगा। साथ ही हमें यह भी समझने का अवसर मिलेगा कि इन वर्षों में समाज ने कितनी प्रगति की है। इस अवसर पर निदेशक के.पी. सिंह,प्रशासनिक निदेशक,सीनियर स्कूल की प्रिंसिपल मंजुला सिंह , विद्यालय प्रशासन, शिक्षकगण, विद्यार्थी परिषद और कर्मचारीगण उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान सभी ने यह अनुभव किया कि यह टाइम कैप्सूल आने वाली पीढ़ियों के लिए वर्तमान का सजीव दस्तावेज सिद्ध होगा।

    समाज और शिक्षा के विकास की गति पर मिलेगी ऐतिहासिक झलक:केपी सिंह

    निदेशक के.पी. सिंह ने बताया कि नेहरू वर्ल्ड स्कूल द्वारा यह कार्यक्रम लगातार सात वर्षों से किया जा रहा है। यह पहल आने वाले समय में छात्रों और शिक्षकों को यह समझने में मदद करेगी कि वर्षों में कितना बदलाव आया, शिक्षा, तकनीक, समाज और संस्कृति ने किस दिशा में विकास किया।वर्ष 2039 में जब यह टाइम कैप्सूल खोला जाएगा, तब यह आज की पीढ़ी की कल्पनाओं, उपलब्धियों और जीवनशैली का साक्ष्य बनकर उभरेगा।