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    Fake Encounter Case: फर्जी एनकाऊंटर में 2 पूर्व पुलिस कर्मचारी दोषी करार

    Kairana News
    Kairana News: अवैध हथियार बरामदगी व गोवध के चार मामलों में छह को कारावास

    1992 में 2 गैंगस्टरों का पुलिस ने किया था एनकाऊंटर

    • 4 फरवरी को होगा सजा का ऐलान | Chandigarh News
    • मोहाली की सीबीआई अदालत ने सुनाया अहम फैसला

    चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Fake Encounter Case: फर्जी एनकाऊंटर करने के आरोप में मोहाली की सीबीआई अदालत ने 2 पूर्व पुलिस इंस्पैक्टर प्रशोतम सिंह व एसई गुरभिन्दर सिंह को दोषी करार दिया है। इन दोनों दोषियों की सजा के बारे में फैसला 4 फरवरी को सुनाया जाएगा। इन दोनों दोषियों ने 1992 में अमृतसर जिले में 2 व्यक्तियों को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी, जबकि इन दोनों मृतकों को पुलिस ने गैंगस्टर करार देते हुए एनकाऊंटर में मारे जाने की कहानी तैयार की थी। इस कहानी को सीबीआई अदालत ने रद्द करते हुए एनकाऊंटर को फर्जी करार देते हुए गोली चलाने वाले पुलिस कर्मियों को दोषी माना है। वहीं इस मामले में इंस्पैक्टर चमन सिंह व डीएसपी एसएस सिद्धू को सबूतोंं की कमी के चलते बरी कर दिया गया है। Chandigarh News

    सीबीआई के अनुसार अमृतसर के क्षेत्र मजीठा में तैनात इंस्पैक्टर प्रशोतम सिंह व एसई गुरभिन्दर सिंह ने 12 सितम्बर 1992 को अमृतसर के प्रीत नगर में 16 वर्षीय नाबालिग लखविन्द्र सिंह उर्फ लक्खा, निवासी सुलतानविंड को काबू किया था व इसी तरीके से गांव भैनी बासकरे के सैन्य जवान बलदेव सिंह देबा को 9 अगस्त 1992 को एसआई मोहेन्द्र सिंह व हरभजन सिंह, मौके के एसएचओ पीएस छहरटा ने उसके घर से काबू किया था। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद किसी को भी कोई जानकारी नहीं थी। Chandigarh News

    सीबीआई ने जांच में पाया कि पुलिस स्टेशन छेहरटा की पुलिस ने पूर्व कैबिनेट मंत्री के बेटे के हत्या मामले में लखविन्द्र सिंह व बलदेव सिंह को झूठा फंसाते हुए 12.09.1992 को गिरफ्तार दिखाया था। जिसके बाद 13 सितम्बर 1992 का इन दोनों के एनकाऊंटर में मारे जाने की जानकारी दी गई, जबकि इन दोनों की हत्या पुलिस ने ही की थी।

    पुलिस द्वारा बनाई गई सारी कहानी में सीबीआई को काफी ज्यादा हेर फेर मिला व कहानी और सबूत आपस में मेल नहीं खा रहे थे, जिस कारण ही सीबीआई ने इन सभी पुलिस कर्मियों को दोषी बनाते हुए केस आगे बढ़Þाया। इस मामले में ज्यादातर दोषी मर चुके हैं। जिस कारण सीबीआई की अदालत ने पूर्व पुलिस इंस्पैक्टर प्रशोतम सिंह व एसई गुरभिन्दर सिंह को दोषी करार दिया है। इस मामले में अब 4 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी। इस मामले में इंस्पैक्टर चमन सिंह व डीएसपी एसएस सिद्धू को सबूतों की कमी के आधार पर बरी कर दिया गया है। Chandigarh News

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