एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए शिक्षा सत्र पर पड़ेगा असर: स्कूल शिक्षा विभाग
जयपुर। राज्य के सबसे बड़े भाई स्कूल शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को समय पर नहीं भरने से राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे लाखों विद्यार्थियों को बिना विषय अध्यापकों के बिना है बोर्ड एवं समान परीक्षा दे रहे है लेकिन राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग रिक्त पदों को भरने के लिए ना तो समय पर पदोन्नति कर रही है ना ही रिक्त पदों के अनुपात में सीधी भर्ती कर रही है। राज्य में माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के 86 हजार 369 पद खाली हैं। Rajasthan News
वरिष्ठ अध्यापक के 34 हजार 832 एवं व्याख्याताओं के 20 हजार 951 पद है रिक्त
वर्तमान में 72 हजार पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। जिसका खुलासा विधानसभा सत्र के दौरान धरियावद विधायक थावरचंद के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने सदन में जानकारी देकर किया । जिसमें बताया कि वर्ष 2024 में कुल 2202 पदों पर भर्ती निकाली और उनके सभी विषयों पर परिणाम जारी हो चुके हैं। वर्ष 2025 में 3225 पदों की भर्ती निकाली। वरिष्ठ अध्यापक के वर्ष 2024 में 2129, वर्ष 2025 में 6500 की भर्ती निकाली। अब तक 72 हजार पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। राज्य में बोर्ड परीक्षाओं के बीच सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी के चिंताजनक व चौकाने वाले आंकड़े सामने आए है। विधानसभा में पेश रिपोर्ट के अनुसार माध्यमिक शिक्षा विभाग की 5 हजार 445 सरकारी स्कूल बिना संस्था प्रधानों के संचालित हो रही है।
गणित,विज्ञान एवं हिंदी, अंग्रेजी विषय के हालात नाजुक | Rajasthan News
कक्षा आठवीं एवं 10 वीं बोर्ड के लिए सबसे अहम माने जाने वाले गणित और विज्ञान विषय के वरिष्ठ अध्यापकों का ही टोटा स्कूलों में सबसे ज्यादा मिला है। राज्य भर में गणित के 8 हजार 146 तो विज्ञान के 5 हजार 963 शिक्षकों के पद खाली चल रहे है। अन्य विषयों में भी हालत गंभीर है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकारी शिक्षण व्यवस्था किस कदर बहाल हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार अंग्रेजी व हिंदी शिक्षण के हालात भी सरकारी स्कूलों में अच्छे नहीं रहे हैं। अंग्रेजी के 5807 तो हिंदी के 5845 पद स्कूलों में खाली चल रहे हैं। संस्कृत के 4261, सामाजिक विज्ञान में 2599 सहित सभी विषयों में वरिष्ठ अध्यापकों के 34 हजार 332 पद खाली चल रहे है।
स्कूल व्याख्याताओं के भी खस्ता है हालात | Rajasthan News
प्राध्यापक (स्कूल व्याख्याता) स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण विषयों में रिक्तियां सामने आई है। हिंदी साहित्य के 2112, इतिहास के 1705, भूगोल के 1441, अंग्रेजी (अनिवार्य) के 1347, रसायन विज्ञान (विज्ञान वर्ग) के 1634, जीवविज्ञान (विज्ञान वर्ग) के 1469, वाणिज्य (लेखा) के 688 तथा वाणिज्य (व्यवसाय अध्ययन) के 705 सहित सभी विषयों के कुल 20 हजार 951 पद खाली बताए गए है।
शिक्षा विभाग मे रिक्त पदों का आंकड़ा एक नजर
पद नाम रिक्त पदों की संख्या
प्रधानाचार्य 5445
उप प्राचार्य 1036
व्याख्याता 20951
वरिष्ठ अध्यापक 34332
अध्यापक लेवल वन 7706
अध्यापक लेवल टू 8743
शारीरिक शिक्षक 3404
कंप्यूटर अनुदेशक 4636
पूर्व प्राथमिक शिक्षक 116
समय पर हो पदोन्नति तो रिक्त पदों का आंकड़ा होगा कम | Rajasthan News
राज्य में अध्यापक से वरिष्ठ अध्यापक की पांच सत्रों की एवं वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याताओं की तीन सत्रों की पदोन्नति बकाया चल रही है अगर इनकी पदोन्नति 31 मार्च से पहले कर दी जाएं तो नए शिक्षा सत्र में सरकारी स्कूलों में लाखों विद्यार्थियों को नव प्रवेश होगा। शिक्षा विभाग को इस मामले में संज्ञान लेते हुए पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
मोहर सिंह सलावद,प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान।















