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    Teej festival : “तिरंगा संग लहरिया” तीज उत्सव में यूथ ने दिखाया जबरदस्त उत्साह

    Teej festival
    मान द वैल्यू फाउंडेशन की ओर से मनाया गया तीज उत्सव

    मान द वैल्यू फाउंडेशन की ओर से मनाया गया तीज उत्सव | Teej festival

    जयपुर (सच कहूँ न्यूज/गुरजंट धालीवाल)। हर साल की तरह इस साल भी सावन में आने वाली हरियाली तीज का सेलिब्रेशन ज़ोरों पर है। मान द वैल्यू फाउंडेशन (Maan The Value Foundation) की ओर से इस बार “तिरंगा संग लहरिया” की थीम पर तीज उत्सव बड़े हर्सोल्लास के साथ मनाया गया। क्वींस रोड स्थिति केसरी बाग बैंक्वेट में हुए इस तीज उत्सव में महिलाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। महिलाएँ बड़े खूबसूरत अंदाज़ में सज-धज कर लोकगीतों पर थिरकती हुई नजर आई। फाउंडेशन की संस्थापक मनीषा सिंह ने बताया कि उत्सव का मुख्य उद्देश्य कला और संस्कृति को बढ़ावा देना है, साथ ही लुप्त होती परंपराओं को युवा पीढ़ी से जोड़ना है। Teej festival

    मनीषा ने बताया कि हरियाली तीज हमारी भारतीय संस्कृति का एक प्रतीक हैं। इस दिन को राजस्थान में बड़े हर्षोंउल्लास और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस तरह के पर्व हमें प्रेम- सौहार्द और भाईचारे का संदेश देते हैं , साथ ही हमारी संस्कृति से जोड़ कर रखते हैं । Teej festival

    11 साल से हो रहे कायर्क्रम

    मनीषा बताती है कि मान द वैल्यू फाउंडेशन पिछले 11 साल से हर साल अलग अलग कार्यक्रम आयोजित करता है, उनमे से एक तीज उत्सव भी है। इस उत्सव में महिलाएँ पूरे साज-शृंगार के साथ लहरिया पहनती हैं। महिलाएँ लोकगीतों पर थिरकती हैं, घूमर और लोकनृत्य करती हैं। यह देखने के लिए कॉलेज स्टूडेंट्स ने भी भाग लिया जिससे वे इस कार्यक्रम के माध्यम से संस्कृति से अवगत हो, इनका लुफ्त उठाया । मनीषा ने कहा कि आधुनिकता की दौड़- भाग में और एकल होते परिवार की वजह से पिछले कुछ सालों में हम अपनी संस्कृति से दूर होते जा रहें हैं । खास कर युवा पीढ़ी वेस्टर्न कल्चर के चलते अपनी पारम्परिक संस्कृति से दूर हो रही है, जो बहुत ही चिंता की बात है। इसी को देखते हुए हमारा फाउंडेशन कार्यक्रम कर रहा है।

    तीज माता की सवारी

    मनीषा ने बताया कि हर साल सावन मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज मनाई जाती है। इस दिन महिलाएँ व्रत रखकर माँ पार्वती और भगवान शिव जी की पूजा करती हैं , यह दिन सुहाग का प्रतीक है । यह परंपरा और विरासत का उत्सव है। इसी को तीज से दो दिन पहले फाउंडेशन की ओर पूरे परम्परागत अंदाज में मनाया गया। पूरे विधि विधान से तीज माता की सवारी निकाल कर पूजा की गई। पूरे विधि विधान से तीज माता की पूजा की गई है। उसके बाद महिलाएँ ने लोकगीतों पर नृत्य किया। यह देखने के लिए कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी आमंत्रित किया गया था जो कि इस कार्यक्रम के माध्यम से संस्कृति से अवगत हुए और कार्यक्रम का आनंद उठाया।

    तिरंगा संग तीज उत्सव हुआ खास

    मनीषा ने बताया कि देश मे आजादी का 75 वां अमृत महोत्सव चल रहा है और फाउंडेशन की ओर से तीज उत्सव की थीम “तिरंगा संग लहरिया” रखी गई है। इसमें सोलह श्रृंगार की हुई महिलाएँ और बच्चियों ने तिरंगे के साथ इस उत्सव को मनाया। मनीषा ने बताया कि इस उत्सव में भारतीय संस्कृति के संग भारतीय त्योहार का मनमोहक अनुभव हुआ, इस दौरान तीज के त्योंहार से जुड़े सवाल जवाब भी हुए, जिसमे महिलाओं और बच्चियों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया

    ये रही मौजूद

    मनीषा ने बताया कि इस बार तीज उत्सव में बस्सी महारानी महेंद्र कंवर “फेस ऑफ़ द यूथ” वृंदा राठौड़, राजस्थानी लेखिका अभिलाषा पारीक , नीलम शेखावत , वसुधा फाउंडेशन की अध्यक्ष मोना शर्मा , शशि शेखावत, देविका , मूमल राजवी, कंचन कँवर, मधु राठौड़, सीमा चौहान, निशा राजावत , नित्या तंवर , संगीता कँवर, पूजा राठौड़, वंशिका राजावत मौज़ूद रही। Rajasthan News

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