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    एक तरफ शराब पीने से 40 लोगों की गई जान, उधर मंत्री ने कहा पावर बढ़ाओ सब बर्दाश्त कर लोगे

    Poisonous-liquor

    बिहार में जहरीली शराब से मौत और सीबीआई के दुरुपयोग को लेकर राज्यसभा में भारी हंगामा

    नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार में जहरीली शराब से 40 लोगों की हुई मौत तथा विपक्षी दलों ने प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) और केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के दुरुपयोग, न्यायाधीशों की नियुक्ति तथा चुनावों को लेकर चर्चा कराने की मांग को लेकर गुरुवार को राज्यसभा में भारी शोरगुल एवं हंगामा किया जिसके कारण सुबह एक घंटे के दौरान सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित कर दी गयी ।

    विधायक के बयान से फसी जेडीयू

    वही ऐसे में एक ओर जहां बिहार के सीएम जहरीली शराब के मुद्दे को लेकर विधानसभा में नाराज हो गए, वहीं अब उनके मंत्री समीर महासेठ ने इसको लेकर बेतुका बयान दिया है। दरअसल एक खेल समारोह में पहुंचने के पश्चात्जब महागठबंधन सरकार में राजद कोटे से मंत्री समीर महासेठ से लोगों की मौत को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘खेलकूद से पावर बढ़ाओ – जहरीली शराब बर्दाश्त कर लोगे।’ वो यहीं नहीं रुके तथा आगे कहा, ‘बिहार में मिलने वाली शराब जहर है और इन जहरीली शराब को पीने और मरने से बचना है तो इम्युनिटी बढ़ाओ।’

    जानें, संसद में क्या हुआ..

    सुबह ग्यारह बजे आवश्यक दस्तावेज सदन पटल पर रखे जाने के बाद उपसभापति हरिवंश ने कहा कि नियम 267 के तहत आम आदमी पार्टी के राघव चड्डा, कांग्रेस के प्रमोद कुमार तिवारी और अखिलेश सिंह ,शिवसेना की प्रियंका चतुवेर्दी समेत कुल सात सदस्यों ने ईडी और सीबीआई के दुरुपयोग, न्यायाधीशों की नियुक्ति तथा चुनावों पर चर्चा को लेकर नोटिस दिया है जो सभापति के विचाराधीन है। उन्होंने सदस्यों से सदन के संचालन में सहयोग करने की अपील की ।

    सीबीआई का दुरुपयोग

    तृणमूल कांगेस के डेरेक ओ’ब्रायन ने व्यवस्था का मामला उठाते हुए और नियमों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले इस तरह के नोटिसों पर चर्चा की अनुमति दी गयी थी । तिवारी ने कहा कि आज सदन के समक्ष सूचीबद्ध विषयों को निलंबित कर लोकमहत्व के विषय पर चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग किया जा रहा है। श्रीमती चतुवेर्दी ने कहा कि यह सदन राज्यों का है और उन्होंने जो विषय दिये हैं वह तात्कालिक महत्व का है। इसलिए उस पर पहले चर्चा की जानी चाहिए। सदन के नेता पीयूष गोयल ने श्रीमती चतुवेर्दी के कथन का विरोध किया। श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि किसी मामले को लेकर सदस्य नियमों का उल्लेख कर सकते हैं लेकिन उस पर अंतिम निर्णय सभापति का होगा ।

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