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    छह साल में खोले 40 सरकारी स्कूल, बंद किए 136

    RTI-disclosed

    शिक्षा को लेकर हरियाणा सरकार की नीतियों पर उठे गंभीर सवाल

    (RTI Disclosed)

    • आरटीआई में हुआ खुलासा

    • नए स्कूलों के स्टाफ पर 51 करोड़, 81 लाख 82 हजार रुपये खर्च

    भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश दुहन)। हरियाणा में प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग बच्चों के मौलिक शिक्षा अधिकार को लेकर कितना संजीदा हैं, इसका ताजा उदाहरण एक आरटीआई के खुलासे से मिला है। स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने मौलिक शिक्षा निदेशालय ने आरटीआई के तहत सरकारी स्कूलों से संबंधित जानकारी मांगी थी। आरटीआई के जवाब में खुलासा हुआ कि हरियाणा मौलिक शिक्षा निदेशालय ने पिछले छह साल के दौरान प्रदेश में 40 नए सरकारी विद्यालय खोले हैं, जबकि मौलिक शिक्षा निदेशालय ने ही खुद प्रदेश भर में चल रहे 136 प्राइमरी सरकारी स्कूलों पर ताला लगा दिया, यानी इन्हें स्थायी तौर पर बंद करा दिया।

    बृजपाल परमार ने बताया कि 40 नए स्कूलों में भिवानी, फतेहाबाद, हिसार, झज्जर, करनाल, पलवल, पंचकूला, सरसा में एक-एक प्राइमरी स्कूल खुला है। जबकि गुरूग्राम में 13 नए प्राइमरी स्कूल खुले हैं। मेवात के नूंह में 19 नए प्राइमरी स्कूल खुले हैं। परमार ने बताया कि आरटीआई के जवाब में शिक्षा विभाग ने तथ्य उपलब्ध कराए कि अप्रैल 2014 से लेकर जनवरी 2020 तक कक्षा पहली से पांचवीं तक 40 नए प्राइमरी सरकारी स्कूल प्रदेश भर में खोले हैं। इन नए स्कूलों में शिक्षकों पर इस अवधि के दौरान 51 करोड़ 81 लाख 82 हजार 580 रुपये का बजट खर्च किया गया है। जबकि पहली से आठवीं तक कोई नया विद्यालय नहीं खोला गया है।

    बृजपाल परमार ने बताया कि आरटीआई के जवाब में यह पाया गया है कि पूर्व शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा के गृह जिला महेंद्रगढ़ में 19 प्राइमरी स्कूल बंद हुए हैं, जबकि वर्तमान शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर के गृह जिला यमुनानगर में सबसे अधिक 22 प्राइमरी स्कूलों पर ताला लग चुका है। मगर सरकारी स्कूल ही बंद हो रहे हैं तो फिर बच्चों के इस अधिकार का भी हनन होना लाजमी है।

    किस जिले में कितने स्कूल बंद

    परमार ने बताया कि अगर जिला वाईज बंद हुए प्राईमरी स्कूलों की सूची पर नजर डाली जाए तो इनमें…

    • अंबाला जिला में सात।
    • भिवानी में छह।
    • फतेहाबाद में चार।
    • गुरूग्राम में आठ।
    • हिसार में छह।

    झज्जर में सात, जींद में आठ, कैथल में आठ, करनाल में तीन,  कुरूक्षेत्र में तीन,  महेंद्रगढ़ में 19,  नूह मेवात में छह, पलववल में एक, रेवाड़ी में आठ, रोहतक में पांच, सोनीपत में 11, यमुनानगर में 22, पंचकुला में दो, सरसा में एक व चरखी दादरी में एक प्राईमरी स्कूल बंद हो चुके हैं।

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