हमसे जुड़े

Follow us

32.3 C
Chandigarh
Thursday, March 26, 2026
More
    Home राज्य हरियाणा बदलाव: स्कूलो...

    बदलाव: स्कूलों में अब नहीं होगी ‘बत्ती गुल’

    Schools, Across, State, Solar Power Systems, Govt, Haryana

    प्रदेशभर के 4200 स्कूलों में लगेंगे सौर ऊर्जा सिस्टम, सरकार ने जारी किए निर्देश

    • सरसा के 188 स्कूलों में लगेंगे सौर ऊर्जा सिस्टम

    सरसा(सच-कहूँ न्यूज)। अक्सर सरकारी स्कूलों में यह शिकायत रहती थी कि लाइट पर्याप्त न होने के कारण न तो बच्चे सही ढंग से पढ़ पा रहे हैं और न ही कम्प्यूटर वगैरह से काम हो पा रहा है। ऐसी दिक्कतों से पार पाने व विद्यार्थियों की सहुलियत के लिए प्रदेश सरकार ने कड़ा कदम उठाया है।

    इसके तहत चिह्नित सरकारी स्कूलों के लिए सरकार ने निर्देश जारी किए हैं यहां सौर ऊर्जा सिस्टम को लागू किया जाए। प्रदेश सरकार की ओर से इस संदर्भ में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित पत्र भी जारी कर दिए गए हैं। लिहाजा, शिक्षा विभाग ने इस पत्र के तहत आगामी कार्रवाई को अमल में लाना शुरू कर दिया है और माना जा रहा है कि शीघ्र ही प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सौर ऊर्जा सिस्टम शुरू हो जाएगा जिससे बिजली की किल्लत व दिक्कत दूर हो जाएगी।

    सरसा के 92 सीनियर सैकंडरी व 96 हाई स्कूलों का हुआ चयन

    शिक्षा विभाग के मुख्यालय के अनुसार इस ताजा निर्देश के तहत पूरे प्रदेश के करीब 4600 स्कूलों का चयन किया गया है। इनमें जिला सरसा के 188 स्कूल हैं,जिनमें 92 सीनियर सैकंडरी व 96 हाई स्कूलों का चयन किया गया है, जहां सौर ऊर्जा सिस्टम लगेंगे। सरकार द्वार जारी हिदायत के तहत डीईओ ने भी इन स्कूलों के बारे में मुख्यालय को अवगत करवा दिया है और अब जल्द ही इन चयनित स्कूलों में सौर ऊर्जा सिस्टम लग जाएंगे।

    शिक्षा मुख्यालय की ओर से एक पत्र मिला है जिसमें यह जानकारी दी गई है कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार बिजली किल्लत को दूर करने के लिए सरकारी स्कूलों में सौर ऊर्जा सिस्टम लगाए जाएंगे। जिला में 188 सरकारी स्कूलों का चयन किया गया है। इन स्कूलों का ब्यौरा मुख्यालय को भेज दिया गया है जहां कुछ ही दिनों बाद सौर ऊर्जा सिस्टम लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।’
    -डॉ.यज्ञदत्त वर्मा, डीईओ सरसा।

    बिजली गुल होने पर पढ़ाई होती थी बाधित

    दरअसल, प्रदेश सरकार शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए राज्य के सभी सरकारी स्कूलों को अपने राडार पर ले रखा है। इन सभी स्कूलों में दी जानी वाली सुविधाओं व हो रही असुविधाओं की जानकारी जुटाने के बाद एक खाका तैयार किया गया है।

    सरकार को ज्ञात हुआ है कि प्रदेश के अधिकांश ऐसे स्कूल हैं जहां बिजली का खासा संकट छाया हुआ है और इस संकट का असर पढ़ाई से लेकर अन्य विभागीय काम काज पर पड़ रहा है। बिजली न होने के कारण न तो बच्चों को सही ढंग से पढ़ाया जा रहा है और साथ ही कम्प्यूटर इत्यादि भी बेकार साबित हो रहे हैं।

    बैठकों में लगातार यह मुद्दा उठता रहा है कि स्कूलों में बिजली की काफी किल्लत है। इन सभी दिक्कतों को दूर करने के लिए ही सरकार ने विभाग के मुख्यालय को निर्देश जारी किए हैं कि वे बिजली संकट दूर करने व पढ़ाई का उचित वातावरण तैयार करने के लिए उन सभी स्कूलों को सौर ऊर्जा सिस्टम से जोड़ें जहां बिजली की किल्लत है।

    Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।