सरकार दो गुणा बिजली बिलों पर सिक्योरिटी लेने का फरमान तुरंत ले वापस: खोवाल

Government should immediately withdraw the order to take security on two-fold electricity bills Khowal

हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट करेगा फैसले के खिलाफ इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन में अपील

उकलाना (कुलदीप स्वतंत्र)। हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट ने बिजली निगम द्वारा बिजली बिलों के हिसाब से दोबारा दो गुणा सिक्योरिटी लेने पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे सीधे तौर पर आम लोगों के हितों पर कुठाराघात करार दिया है। प्रदेश चेयरमैन एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने कहा है कि अगर सरकार व बिजली निगम ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट इस फैसले को हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन में चैलेंज करेगा और वहां पर भी सुनवाई न होने पर इसे दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी ट्रिब्यूनल में चैलेंज किया जाएगा। ट्रिब्यूनल ने जनहित में फैसला नहीं दिया तो जनहित के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।

एडवोकेट खोवाल ने कहा कि बिजली निगम की ओर से उपभोक्ताओं से दो महीने की सिक्योरिटी लेने का फैसला उनकी जेब में डाका डालने वाली बात है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की जनता अभी तक कोरोना की मार से उभर नहीं पाई है। सरकार की गलत नीति व लॉकडाउन के कारण प्रदेश की जनता की कमर पहले ही टूट चुकी है, जिसके कारण अपना परिवार का खर्चा चलाना मुश्किल हो रहा है और ऐसी परिस्थिति में सरकार द्वारा नए-नए फरमान जारी करके जनता पर नाजायज आर्थिक बोझ डालना अन्याय पूर्ण है। आज हालत ऐसी है कि अनाप-शनाप बिजली के बिल भरने में ही आमजन के पसीने छूट रहे हैं और ऐसे में बिजली बिल के बराबर दो गुणा राशि एडवांस में कैसे भरेगा।

तानाशाही फैसले से जनता में फैल रहा आक्रोश

एडवोकेट खोवाल ने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि सरकार कोरोना महामारी के बाद आम लोगों को राहत देने का काम करेगी, लेकिन बिजली बिलों पर सिक्योरिटी भरने जैसे तानाशाही फरमान से आम लोगों में आक्रोश पैदा हो गया है। एडवोकेट खोवाल ने कहा कि एक तरफ सरकार प्रदेश में प्री-पेड कार्ड के आधार पर मीटर चालु करने की बात कर रही है और दूसरी तरफ आम जनता से नाजायज सिक्योरिटी राशी भरने का फरमान जारी किया गया है, जो पूरी तरह से उचित नहीं है।

सरकार को ऐसा कोई फैसला नहीं लेना चाहिए जो जनविरोधी हो। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले के खिलाफ जल्द ही कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन में अपील करते हुए अपना पुरजोर विरोध जताएगा। अगर फिर भी सुनवाई नहीं हुई तो इस मामले को दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी ट्रिब्यूनल में चैलेंज किया जाएगा। कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट किसी भी सूरत में सरकार को लोगों की जेब पर डाका नहीं डालने देगा, चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी बड़ा कदम उठाना पड़े।

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