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Saturday, March 28, 2026
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    पाँच साल से गृह क्षेत्र में तबादले को भटक रही दिव्यांग शिक्षिका

    Online Transfer Policy

    हादसे में घायल होने से पेट से नीचे का हिस्सा नहीं कर रहा काम

    • प्रधानमंत्री से भी लगाई है अपने गांव में ही तबादले की गुहार

    सच कहूँ/संजय मेहरा गुरुग्राम। आॅनलाइन तबादला नीति के तहत तबादला होने का एक दिव्यांग शिक्षिका दंश ­ोल रही है। बिना आवेदन किए ही उसका तबादला कर दिया गया। जबकि दिव्यांग होने के चलते पूर्व में उसे अपने ही गांव के स्कूल में नियुक्ति दी गई थी। आॅनलाइन तबादला नीति में यह तो देख लिया गया कि वह एक ही स्कूल में लंबे समय तक कार्यरत हैं, लेकिन उनकी शारीरिक स्थिति को नहीं देखा गया। अपना तबादला वापस अपने गांव में करवाने को लेकर दिव्यांग शिक्षिका पिछले 5 साल से भटक रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। अपनी मांग को लेकर अब दिव्यांग शिक्षिका धरने पर बैठने की तैयारी कर रही है।

    अब अनशन पर बैठने की कर रही है तैयारी (Online Transfer Policy)

    जिले के गांव महेंद्रवाड़ा निवासी जेबीटी शिक्षिका रीता रानी पत्नी बनवारी लाल ने बताया कि मार्च 2003 को वह एक हादसे में चोट लगने के कारण 100 फीसदी दिव्यांग हो गई थी। उसके पेट से नीचे का हिस्सा काम नहीं करता। इसलिए उसे व्हील चेयर पर बैठकर ही स्कूल आना-जाना पड़ता है। घर से एक व्यक्ति की उसे स्कूल लाने-ले जाने की जिम्मेदारी है। हादसे के बाद उसका तबादला उनके स्थायी निवास यानी गांव महेंद्रवाड़ा में कर दिया गया था। इसके बाद तबादला नीति में पोर्टल पर अनुरोध के बावजूद भी उसे महेंद्रवाड़ा में अधिक ठहराव के कारण तबादला बादशाहपुर के कन्या विद्यालय में स्थानांतरण कर दिया गया। उस समय जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष यह समस्या रखी गई। जिसके चलते उनका समायोजन पैतृक गांव महेंद्रवाड़ा में कर दिया।

    लेकिन 29 मार्च 2010 के आदेशानुसार उसका समायोजन निरस्त कर दिया गया। शिक्षिका रीता रानी के मुताबिक जो शिक्षक उनके कम प्रतिशत दिव्यांग थे, उनका समायोजन उन्हें सुविधा के हिसाब से कर दिया गया है, लेकिन उनका स्थानांतरण नहीं किया जा रहा। रीता रानी ने एक बार फिर से गुहार लगाई है कि उसकी स्थिति को देखते हुए सरकार उसे गृह क्षेत्र महेंद्रवाड़ा के स्कूल में समायोजित करे।

    अब अनशन पर बैठेगी शिक्षिका रीता रानी

    शिक्षिका रीता रानी के पति बनवारी लाल ने बताया कि 28 जून से लघु सचिवालय पर अनशन पर बैठेंगे। इस बारे में जिला उपायुक्त, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को सूचना दे दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार व अधिकारियों की उदासीनता से पता चलता है कि नियमों को किस तरह से ताक पर रखा जाता है।

    जिला स्तर पर कुछ नहीं कर सकते: डीईईओ

    इस बारे में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रेमलता ने कहा कि शिक्षिका रीता रानी के सभी दस्तावेज शिक्षा निदेशालय को भेजे हुए हैं। वहीं से इस बाबत आदेश जारी होंगे। जिला स्तर इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हो सकती। तबादला पोर्टल के माध्यम से हुआ था। इसलिए निदेशालय निर्णय लेगा।

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