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Thursday, March 19, 2026
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    सचिन पायलट को रोकने के लिए हाईकमान से भिड़ा गहलोत खेमा

    Editorial
    अशोक गहलोत और सचिन पायलट

    जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का नामांकन करने से पहले आज होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल के घर जुटे गहलोत खेमे के विधायकों के नहीं आने एवं उनके इस्तीफे देने विधानसभा अध्यक्ष डा सी पी जोशी के घर जाने के बाद नहीं हो पाई। गहलोत खेमे के विधायकों को कहना है कि वे चाहते है कि सियासी संकट (Rajasthan Politics) के समय गहलोत का जिन 102 विधायकों ने साथ दिया उनमें से किसी को भी नया मुख्यमंत्री बना दो और इसके बाद गहलोत को मुख्यमंत्री से हटा दो।

    खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मीडिया से कहा कि विधायकों की यही भावना है कि इन 102 विधायकों में से किसी को भी मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है उन्हें मंजूर है लेकिन भाजपा के षडयंत्र को कामयाबा नहीं होने दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई नाराजगी है तो पार्टी के मुखिया सुनेंगे तो दूर भी हो जायेगी।

    गहलोत खेमे के विधायक के नहीं आने से कांग्रेस विधायक दल की बैठक नहीं हो पाई | Rajasthan Politics

    मुख्यमंत्री निवास पर शाम सात बजे आयोजित इस बैठक में भाग लेने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे एवं पार्टी के प्रदेश प्रभारी अजय माकन पर्यवेक्षक के रुप में जयपुर पहुंचे लेकिन बैठक शुरू होने से पहले गहलोत खेमे के विधायकों के धारीवाल के घर पहुंचने से यह बैठक शुरू होने में देरी होने लगी और बताया गया कि अब यह बैठक आठ बजे शुरू होगी लेकिन आठ बजे भी बैठक शुरू नहीं हो पाई और इसके बाद रात नौ बजे तक यह बैठक नहीं शुरू हुई और इसके बाद धारीवाल के घर जुटे मंत्री एवं विधायक अपना इस्तीफा लेकर डा जोशी के घर पहुंच गये। बताया गया है कि गहलोत खेमे के 82 विधायकों ने अपने इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे हैं। विधायकों ने डा जोशी से मुख्यमंत्री बनने का आग्रह किया है।

    धारीवाल के घर 92 विधायक मौजूद

    इससे पहले खाचरियावास ने कहा कि धारीवाल के घर 92 विधायक मौजूद है और सभी विधायक डा जोशी के घर जा रहे है। उन्होंने कहा कि विधायकों की भावना समझनी चाहिए। सियासी संकट के समय जब ये विधायक होटलों में बंद थे और संघर्ष किया उनकी भावना समझनी चाहिए। उनसे पूछा गया कि क्या सचिन पायलट के प्रति इतनी नफरत क्यों है, इस पर उन्होंने कहा कि नफरत नहीं हैं और यहां बैठक में किसी का नाम नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि ये सभी विधायक अपने इस्तीफे देने उनके घर जा रहे हैं। उधर विधायक एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार संयम लोढ़ा का कहना है कि यहां 82 विधायक हैं।

    गहलोत का शक्ति प्रदर्शन

    जादूगर कहे जाने वाले गहलोत का यह शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है और गहलोत ने ताकत दिखाई और फिर साबित कर दिया है कि विधायक उनके पक्ष में हैं। डा सी पी जोशी के घर पहुंचे कुछ विधायकों का यह भी कहना है कि अशोक गहलोत को हटाना है तो डा सी पी जोशी को मुख्यमंत्री बना दो। उल्लेखनीय है कि बैठक के लिए पूर्वउपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और कई विधायक मुख्यमंत्री निवास पहुंच चुके थे लेकिन धारीवाल के घर जुटे विधायकों के नहीं आने से बैठक खटाई में पड़ गई। अब सभी की नजरे कांग्रेस आलाकमान पर टिकी है कि वह क्या फैसला लेगा।

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