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Thursday, March 5, 2026
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    करनाल मॉडल को पूरे राज्य में लागू करेगा शिक्षा विभाग

    MSG-Educational-Tips

    राज्य के 26 खंडों के अलावा मॉडल संस्कृति स्कूलों, आरोही स्कूलों और कस्तूरबा

    • गांधी विद्यालयों में एसएमसी कमेटी खरीदेगी ड्यूल डेस्क

    सरसा(सच कहूँ/सुनील वर्मा)। सरकारी स्कूलों में पहली से बारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए ड्यूल डेस्क खरीद में अब करनाल खंड के पायलट प्रोजेक्ट को पूरे प्रदेश में अपनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से एसएमसी यानी स्कूल मैनेजमेंट कमेटी द्वारा ड्यूल डेस्क की खरीद की जाएगी। करनाल में ड्यूल डेस्क खरीद के लिए शुरू किए गए पायलट प्रोजेक्ट का विस्तारीकरण करते हुए अब करनाल के सभी खंडों सहित राज्य के 26 खंडों को इसमें शामिल किया गया है।

    इसके अतिरिक्त प्रदेश के सभी राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों, आरोही स्कूलों व कस्तूरबा गांधी विद्यालय में भी इसी सरंचना के तहत ड्यूल डेस्क की खरीद होगी। चयनित खंडों के अतिरिक्त राज्य के सभी राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, आरोही विद्यालय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की प्रबंधन समितियां उपरोक्त खरीद के लिए 25 लाख रूपए तक की खरीद के लिए स्वतंत्र रहेंगी।

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    इस प्रकार भेजनी होगी डिमांड

    खंड के अंतर्गत सभी विद्यालयों की एसएमसी के द्वारा विद्यालयों की छात्र संख्या के मध्यनजर ड्यूल डेस्क की अतिरिक्त डिमांड संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा बनाए गए प्रपत्र में भरकर उपलब्ध करानी होगी तथा उसी डिमांड अनुसार विभाग द्वारा संबंधित एसएमसी को फंड जारी करेगा। इसके अलावा करनाल खंड में पायलट प्रोजेक्ट के तहत खरीदे गए ड्यूल डेस्क के सैंपल की व्यवस्था निदेशालय द्वारा पूरे प्रदेश में कलस्टर व खंड स्तर पर की जाएगी।

    तीन श्रेणियों के बनेंगे ड्यूल डेस्क

    कक्षाओं के विद्यार्थियों के आयुवर्ग के अनुसार ड्यूल डेस्क का आकार, लंबाई, चौड़ाई व ऊंचाई का निर्धारण करते हुए अलग-अलग तीन श्रेणियां बनाई गई है। जिनमें पहली पूर्व प्राथमिक से तीसरी कक्षा, दूसरी श्रेणी में चौथी कक्षा से आठवीं कक्षा व अंतिम श्रेणी में नौंवी कक्षा से बारहवीं कक्षा के लिए होगी। तीनों प्रकार के ड्यूल डेस्क की अच्छी तरह से स्पेसिफिकेशन करके ही खरीद की जाएगी। जिसमें बोर्ड का प्रकार, पाइप का साइज, भार, मोटाई, लंबाई, चौड़ाई इत्यादि की जांच की जाएगी। जांच में समुचित पाये गए सामान की आपूर्ति होने के उपरांत एसएमसी द्वारा निर्माता/आपूर्तिकर्ता को भुगतान किया जाएगा।

    पायलट विस्तारीकरण में इन खंडों का हुआ चयन

    ड्यूल डेस्क खरीद के लिए पायलट प्रोजेक्ट का विस्तारीकरण किया गया है। जिसमें अब अंबाला जिले में खंड अंबाला वन, भिवानी में तोशाम, चरखीदादरी में बाढ़ड़ा, फरीदाबाद में फरीदाबाद खंड, फतेहाबाद में भट्टू कलां, गुरुग्राम में सोहना, हिसार में आदमपुर, झज्जर में साल्हावास, जींद में जींद खंड, कैथल में पूंडरी, करनाल में असंध, घरौंडा, इंद्री, नीलोखेड़ी, निसिंग, कुरुक्षेत्र में थानेसर, महेंद्रगढ़ में अटेली, नूंह-मेवात के तावडू, पलवल में हसनपुर, पंचकुला में रायपुर रानी, पानीपत में बपौली, रेवाड़ी में रेवाड़ी खंड, रोहतक में कलानौर, सरसा में सरसा खंड, सोनीपत में गनौर, यमुनानगर में जगाधरी खंड का पायलट प्रोजेक्ट के लिए चयन किया गया है।

    ‘‘पहली से बारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए ड्यूक डेस्क खरीदने हेतु पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। जिसमें 22 जिलों के एक-एक खंड को चुना गया है। इसमें सरसा जिला के सरसा खंड को चयनित खंडों में शामिल किया गया है। इनमें एसएमसी कमेटी पूरी जांच पड़ताल कर ड्यूल डेस्क की खरीद करेगी। इसके लिए कई कमेटियों का निर्माण भी किया जा रहा है।
    -संत कुमार बिश्नाई, जिला शिक्षा अधिकारी सरसा।

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