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    सिविल अस्पताल बनना तो दूर बिल्डिंग तोड़ने में ही बीत गया साल 2022

    55 साल पुरानी इमारत हो चुकी थी जर्जर

    • रेनोवेशन पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी छतों से टपकता था पानी
    • साल 2019 में सेक्टर-10 अस्पताल में किया गया था शिफ्ट
    • उत्तर भारत का श्रेष्ठ अस्पताल बनाया जाना है यहां का सिविल अस्पताल

    गुरुग्राम(संजय कुमार मेहरा)। स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी करने के तमाम दावों के बीच साल-2022 भी बीत गया है। बेहतर सेवाओं में सबसे बड़ा काम गुरुग्राम का नया सिविल अस्पताल बनाना था। जिसे बनाया जाना या काम शुरू होना तो दूर की बात, 2022 में अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग ही टूट पाई है। थोड़ा सा मलबा उठाया जाना बाकी है। इसके बाद इसके निर्माण की तरफ कदम बढ़ेगा। 55 साल पहले वर्ष 1967 में बनाए गए जिला के नागरिक अस्पताल की इमारत भी काफी कंडम हो गई थी। इसके रेनोवेशन पर करोड़ों रुपये भी खर्च किए गए, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। आलीशान इमारत की छतों से सदा पानी ही टपकता रहा। विशेषकर ओपीडी एरिया में तो डॉक्टर्स के कमरों के बाहर टपकते पानी को लेकर सदा बाल्टियां ही रखी रहती थी।

    वैसे तो वर्ष 2017 में पीडब्ल्यूडी विभाग ने भी अपनी रिपोर्ट में कह दिया था कि अस्पताल की इमारत अब इस्तेमाल करने लायक नहीं रही। ऐसे में मुख्य नागरिक अस्पताल नया बनाने के लिए एक साल बाद 2018 में अस्पताल को शिफ्ट करने की तैयारी हुई। कुछ विभाग इस साल शिफ्ट किए गए और बाकी अस्पताल (एमआरआई, सीटी स्कैन विभाग को छोड़कर) 2019 में शिफ्ट हो गया। इसे सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल और सेक्टर-31 पॉलीक्लीनिक में शिफ्ट किया गया। इसके बाद इसे तोडऩे के लिए टेंडर आदि देने के लिए कार्यवाही होती रही। अस्पताल के विस्तार के लिए साथ लगते राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक (बाल) की जमीन को स्वास्थ्य विभाग के नाम ट्रांसफर की कार्यवाही हुई। विभाग ने स्कूल की आधी से अधिक जमीन को अपने कब्जे में लिया।

    जून 2021 से तोडऩे का काम हुआ था शुरू

    जून-2021 से अस्पताल की बिल्डिंग को तोडऩे का काम शुरू किया गया। वर्ष 2022 के मध्य तक आधी बिल्डिंग तो तोड़ दी गई, लेकिन आधी का काम अधूरा रह गया था। ऐसा इसलिए कि वहां पर एमआरआई और सीटी स्कैन सेंटर चल रहे थे, जिन्हें शिफ्ट नहीं किया गया। कई बार केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने अस्पताल परिसर का दौरा किया। काम तेजी से करने के आदेश भी दिए, लेकिन काम में तेजी कभी नजर नहीं आई। काम कछुआ गति से ही हुआ। एमआरआई, सीटी स्कैन सेंटर को शिफ्ट करने में भी सालभर का समय लग गया।

    मंत्री के मई में दिए आदेशों पर अक्टूबर में हुआ अमल

    31 मई 2022 को केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने दोनों केंद्रों को जल्द शिफ्ट करने के आदेश दिए थे। जिस पर सीएमओ डा. विरेंद्र यादव ने इसके लिए डेढ़ से दो महीने का समय लगने की बात कही थी। तब तक सेक्टर-10 अस्पताल में बिल्डिंग भी तैयारी हो चुकी थी। उनके मुताबिक तो अगस्त 2022 में दोनों केंद्र सेक्टर-10 में शिफ्ट हो जाने थे, लेकिन यह समय और दो महीने बढ़ गया। अक्टूबर में दोनों सेंटर की शिफ्टिंग सेक्टर-10 अस्पताल में हो पाई।

    14 अक्टूबर 2022 को केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने एमआईआई सीटी स्कैन सेंटर का उद्घाटन किया। इसके बाद पुराने नागरिक अस्पताल की इमारत को तोडऩे का काम शुरू किया गया। दिसम्बर के अंत तक सिविल अस्पताल की पूरी इमारत तोड़ी जा चुकी है। लगभग मलबा भी वहां से उठा लिया गया है। पहले इस अस्पताल को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 500 बेड का बनाने की घोषणा की थी, जो कि अब 100 बेड घटाकर 400 बेड कर दिए गए हैं।

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