हमसे जुड़े

Follow us

23.9 C
Chandigarh
Saturday, April 11, 2026
More
    Home राज्य हरियाणा अपनी मांगों क...

    अपनी मांगों को लेकर 9 को भिवानी में दहाड़ेंगे कर्मचारी

    Protest

    पुरानी पेंशन नीति सहित अन्य मांगो के लिए 9 को हरियाणा कर्मचारी महासंघ सौंपेंगा ज्ञापन

    • प्रदेश भर में उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सौंपेगा ज्ञापन

    भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)। हरियाणा कर्मचारी महासंघ से जुड़ी विभागीय यूनियनों ने शनिवार को भिवानी में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान रोड़वेज कर्मचारी यूनियन हरियाणा के राज्य महासचिव जयबीर घणघस, हरियाणा कर्मचारी महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता जयबीर नाफरिया ने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार लगातार कर्मचारी व विभागों में जन विरोधी नीतियां लागू कर रही हैं। इन जन विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदेशभर के कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।

    यह भी पढ़ें:– रोहतक में कलियुगी मां ने बेटी को जहर देकर उतारा मौत के घाट

    प्रदेश भर में उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सौंपेगा ज्ञापन

    उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2004 व हरियाणा सरकार ने 2006 में कर्मचारियों की पुरानी पेंशन नीति को बंद करके नई पेंशन नीति को लाया गया था। नई पेंशन नीति को राजनेताओं व सरकार ने कर्मचारियों के हित मे बताया था तथा सरकार द्वारा कर्मचारियों को झूठे सपने दिखकर बताया था कि 10 प्रतिशत कर्मचारी के वेतन से अंश काटा जाएगा तथा इतना ही अंश सरकार भी जमा कराएगी। कर्मचारी की सेवानिवृत्ति होने पर बहुत पैसा मिलेगा और पेंशन भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार व राजनेताओं द्वारा कर्मचारियों को दिखाए गए सपने अब कर्मचारियों व आम जनता के सामने हैं। कर्मचारियों का पैसा शेयर मार्केट में लगा रखा हैं, जिससे कर्मचारियों को नाम मात्र की पेंशन मिल रही हैं और कर्मचारियों के पैसों से शेयर मार्केट दिन प्रतिदिन मालामाल हो रही हैं।

    उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि सरकार एनपीएस के परिणामो से सबक लेते हुए तुरंत अपनी विधायकी शक्तियों का प्रयोग कर पुरानी पेंशन लागू करे। हरियाणा कौशल रोजगार विभाग को भंग किया जाए, क्योंकि इसके तहत लगें कर्मचारियों का शैक्षणिक योग्यता अनुसार कम वेतन देकर शोषण किया जा रहा हैं। इस पोलिशी में लगे कर्मचारियों के भविष्य में पक्का होने अवसर भी नही हैं। सरकार द्वारा लागू शर्तो पर आधारित एक्सग्रेसिया स्किम को रद्द करके 1995 की पुरानी एक्सग्रेसिया नीति पुन: लागू की जाए। सभी प्रकार की बीमारियों के लिए मेडिकल कैशलेस सुविधा पूर्ण रुप से लागू की जाए, जिससे कर्मचारियों को विभागों में आने जाने की परेशानी से बचाया सके। सभी विभागों में निजीकरण पर पूर्ण रोक लगाई जाए।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here