Human trafficking: मानव अंगों की तस्करी के बाद अब ‘मानव तस्करी’!

Human Trafficking

हरियाणा में गिरोह सक्रिय,हांसी से 2 महिलाएं काबू

सच कहूँ/संदीप सिंहमार।
हिसार।
एक तरफ जहाँ इंसानियत को जिंदा रखने के लिए हमारे संत महापुरुष (Human trafficking) व सरकार विभिन्न प्रकार की मुहिम चलाते आए हैं वहीं इस घोर कलयुग में अब इंसानियत अपने ही किए गए बुरे कर्मों पर रोती नजर आ रही है। ऐसा भी नहीं है कि मानवता को शर्मसार करने वाले इन कारनामों का किसी को पता ना हो। पता होने के बावजूद भी ऐसे बुरे कारनामे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। मानव अंगों की तस्करी का मामला तो पहले देशभर में चर्चा का विषय रह चुका है। दिल्ली व नोएडा के मामले पूरे शोरगुल के साथ देशभर में गूंजते रहे हैं।

बेशक वर्तमान में मानव अंगों की तस्करी का मामला अभी शांत हो या फिर चोरी छिपे से चल रहा हो लेकिन हरियाणा में मानव तस्करी का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यह मामला हिसार जिले के हांसी पुलिस जिला का है। जहां दो महिलाओं को मानव तस्करी के आरोप में रंगे हाथों काबू किया गया है। इन महिलाओं की पहचान हांसी निवासी सोनिया व पायल के रूप में हुई है।

किसी ‘डायन’ से कम नहीं ये महिलाएं | Human trafficking

इन महिलाओं को मां की ममता से दूर यदि ‘डायन’ की संज्ञा भी दी जाए तो भी कम है। दरअसल हांसी की रहने वाली सोनिया व पायल लंबे समय से मानव तस्करी के गिरोह से जुड़ी हुई हैं। स्थानीय पुलिस को इस बात की मुखबरी लग चुकी थी। यह दोनों महिलाएं पैसे कमाने के चक्कर में गरीब व असहाय लोगों के साथ बच्चा पालने की दुहाई देकर सौदेबाजी करती थी। आमतौर पर गरीब महिला को यह कहा जाता था कि आपका बच्चा पालने के लिए किसी अमीर आदमी के घर में दे दिया जाएगा। भोले-भाले लोग इनके चंगुल में फस भी जाते। सोनिया व पायल ने एक दिन पहले ही एक महिला से ऐसे ही बहला-फुसलाकर एक बच्चा ले लिया। यह महिलाएं इस बच्चे को मानव तस्करी के तहत किसी को बेचने की फिराक में थी। लेकिन तभी इसकी मुखबरी हांसी किला चौकी पुलिस को लग गई।

पुलिस ने बच्चे सहित किया गिरफ्तार

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्चे सहित दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। मानव तस्कर सोनिया व पायल को पुलिस ने अदालत में पेश कर 5 दिन के रिमांड पर लिया है। इस रिमांड के दौरान 5 दिनों तक पुलिस गहनता से पूछताछ करेगी। इस दौरान गहन राज उगलवाने की कोशिश की जाएगी कि आखिर यह मानव तस्करी के इस गोरखधंधे में कैसे पड़ी? यह भी पूछताछ की जाएगी कि अब तक यह महिलाएं कितने बच्चों को मानव तस्करी के तहत बेच चुकी हैं? 5 दिनों की इस पूछताछ में मानव तस्करी के इस मामले के तार लंबे जुड़े होने के अंदाजा लगाया जा रहा है,क्योंकि स्थानीय स्तर पर मानव तस्करी का इस तरह का खेल कभी नहीं चल सकता।

बच्चा बदलने के मामले आ चुके हैं सामने | Human trafficking

अस्पताल में डिलीवरी के दौरान बच्चे बदलने के मामले तो पहले भी सामने आते रहे हैं। लेकिन इन मामलों को मानव तस्करी के मामलों से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। फिर भी बच्चा बदलने के आरोप हमेशा वार्ड में काम करने वाली नर्सिंग स्टॉफ पर लगते रहे हैं। हिसार व भिवानी के अस्पतालों में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं लेकिन तब इस नजरिए से इन मामलों को किसी ने नहीं देखा। पर अब इस तरह के मामलों पर भी नजर रखने की जरूरत है ताकि भविष्य में किसी के साथ ऐसी घटना ना घटे।