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    बाजार में सफेद सोने की आवक तेज

    Fazilka News
    बाजार में सफेद सोने की आवक तेज

    फाजिल्का (सच कहूँ/रजनीश रवि)। जिले की मंडियों में सफेद सोने (कपास) की आवक कपास की फसल (Cotton Crop) को लेकर अच्छे संकेत दे रही है। इस वर्ष मंडी में पिछले वर्ष की तुलना में उसी दिन काफी अधिक फसल की आवक हुई, जिससे साबित होता है कि उपज पिछले वर्ष की तुलना में अधिक होगी। Fazilka News

    वास्तव में, यह इसलिए संभव हो पाया है क्योंकि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने किसानों और कृषि विशेषज्ञों की मांग के अनुसार समय से पहले ही अप्रैल महीने में किसानों को नहरों के माध्यम से सिंचाई का पानी उपलब्ध करा दिया, जिसके कारण बुआई जल्दी हो गई। पंजाब के इस दक्षिण पश्चिमी जिले में किया गया था। शुरुआती वानस्पतिक विकास के साथ फसल सफेद मक्खी और अन्य कीड़ों के हमले का विरोध करने में सक्षम थी और जब पिंक बॉल वर्म का हमला हुआ तो पौधे के निचले और मध्य भागों में पहले से ही अच्छी संख्या में बॉल्स विकसित हो गए थे, जिससे किसानों के लिए अच्छी कपास की पैदावार हुई।

    उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष जिले में 91500 हेक्टेयर में कपास की बुआई हुई थी, जबकि चालू वर्ष में यह रकबा 92800 हेक्टेयर है। हालांकि कपास के रकबे में बढ़ोतरी मामूली रही, लेकिन मंडियों में अब तक आई फसल के आंकड़े किसानों के लिए राहत देने वाले हैं। पिछले साल फाजिल्का की मंडी में कुल 38000 क्विंटल कपास की आवक हुई थी, जबकि इस साल अब तक 15200 क्विंटल कपास की आवक हो चुकी है। Fazilka News

    इसी प्रकार कपास की मुख्य मंडी अबोहर में पिछले वर्ष अब तक 38300 क्विंटल की आवक हुई थी, जबकि इस वर्ष अब तक 65160 क्विंटल की आवक हो चुकी है। जबकि अभी कपास विपणन सीजन के शुरुआती दिन हैं। दूसरी ओर, कपास अभी भी आम तौर पर सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर बेचा जाता है।

    बाजार में कपास बेचने आए किसानों का भी मानना है कि सरकार द्वारा समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के कारण ही फसल की अच्छी पैदावार हुई और अगर सरकार पहले से पानी की व्यवस्था नहीं करती तो कपास की फसल की कोई उम्मीद नहीं थी। इस साल वहीं, किसानों का यह भी कहना है कि फसल की बुआई जल्दी होने से अब कपास की फसल भी जल्दी तैयार हो जाएगी और समय पर खेत खाली होने से वे अब गेहूं की बुआई भी समय पर करेंगे जबकि पिछले वर्षों में कपास की कटाई देर से होने के कारण उनकी गेहूं की बुआई भी देर से होती थी। Fazilka News

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