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Sunday, March 15, 2026
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    ये वचन मान लो सारी तकलीफ हो जाएगी दूर…

    Anmol Vachan
    Saint Dr MSG

    सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने फरमाया कि मालिक, परम पिता परमात्मा का प्यार अनमोल है। वे भाग्यशाली होते है जिन्हें यह अनमोल प्यार मिल जाता है। आज के दौर में प्यार के मीनिंग, मायने बदल गए हैं, क्योंकि लोग सोचते हैं कि जो दुनियावी रिश्ते हैं वो ही प्यार है। जितने भी दुनियावी रिश्ते होते हैं उनके लिए भावना है, पर एक हद तक। आप उस रिश्ते से वो भावना निभा सकते है। लेकिन जब हद से गुजर जाते हैं तो वो मोह-ममता बन जाती है, जिसके लिए आने वाले समय में आपको दु:ख भोगने पड़ेंगे।

    आपजी ने फरमाया कि जब हद से ज्यादा प्यार किसी से भी कोई करता है तो मालिक ना करे, उनमें से कोई एक चला जाता है तो दूसरा रहे कैसे? हद से ज्यादा प्यार एक से ही करो, जो कभी जाता ही नहीं और वो है ओउम, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु, सतगुरु, राम। वो कभी बिछोड़ा नहीं देता, कभी दूर नहीं होता। हर पल, हर समय हमारे साथ रहता है। कण-कण जर्रे-जर्रे में वो मौजूद है। ऐसे परमपिता परमात्मा को अगर सच्चे दिल से याद करोगे, तड़फ के याद करोगे तो वह जरूर मिलेगा। पूज्य गुरु जी ने आगे फरमाया कि अगर उससे एक बार तार जुड़ गई तो वो कभी टूटती नहीं।

    चाहे काम-वासना, क्रोध, लोभ, मोह, अंहकार, मन, माया कितना भी जोर लगा ले, वो तार इतनी जबरदस्त तरीके से जुड़ती है, उसके लिए ये दुनिया या ये सातों चोर कोई मायने नहीं रखते। लेकिन इसके लिए भगवान के नाम का अभ्यास जरूरी है, सुमिरन करना जरूरी है। तो आप को जब भी समय मिले, तो कोशिश कीजिएगा एकांत में या अपने कमरे में या डिम लाइट या अगर अंधेरे में आपको डर नहीं लगता तो आप बिल्कुल अंधेरे में पालथी मारकर बैठें, अपना ध्यान जमा कर बैठें और सुमिरन करें तो भगवान के दर्शन जरूर होंगे। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि भगवान, परमात्मा एक होकर भी सभी खंडों, ब्रह्मांडों में रहता है। सभी धर्मों में लिखा है कि इन्सां को अर्ली मॉर्निंग (अल सुबह 2 से 5 बजे के बीच) में सुमिरन करना चाहिए। अगर इन्सान लगातार प्रभु की भक्ति करता है तो भगवान, परमात्मा के दर्शन उसे उसके गुरु के रूप में भी हो सकते हैं।

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