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Sunday, January 25, 2026
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    अमेरिका कर सकता है कुछ बड़ी घोषणाएं : ट्रंप

    Trump tariff News
    Donald Trump

    US President Donald Trump Statement: न्यूयॉर्क। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि निकट भविष्य में अमेरिका कुछ महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते घोषित करने वाला है। उन्होंने कहा कि ये समझौते लगभग अंतिम चरण में हैं और कभी भी सार्वजनिक किए जा सकते हैं। व्हाइट हाउस में आयोजित स्टेबलकॉइन अधिनियम पर हस्ताक्षर समारोह के दौरान ट्रंप ने कहा, “हम यह घोषणा आज भी कर सकते हैं, शायद थोड़ी देर में ही। हम इसके लिए तैयार हैं।” US News

    ट्रंप ने व्यापारिक वार्ताओं के तरीके पर बात करते हुए कहा कि जब वे किसी देश को यह सूचित करते हैं कि उसे 35 या 40 प्रतिशत शुल्क देना होगा, तो वहीं से बातचीत की शुरुआत हो जाती है। इसके बाद संबंधित देश संपर्क करते हैं और कहते हैं कि कोई वैकल्पिक समझौता किया जा सकता है, जिसमें वे अपने देश को अमेरिकी व्यापार के लिए खोलने को तैयार होते हैं।

    उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अमेरिका द्वारा प्रस्तावित प्रति-उत्तर शुल्क (टैरिफ) की 90 दिन की स्थगन अवधि को 9 जुलाई से बढ़ाकर 1 अगस्त कर दिया गया है। इस समयावधि में अमेरिका कई प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ विचार-विमर्श कर रहा है।

    1 अगस्त के बाद स्थगन अवधि में कोई और विस्तार नहीं होगा

    डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि 1 अगस्त के बाद इस स्थगन अवधि में कोई और विस्तार नहीं होगा और उसी दिन से नए टैरिफ लागू कर दिए जाएंगे। इस अवसर पर उन्होंने ‘जीएनियस एक्ट’ नामक ऐतिहासिक स्टेबलकॉइन अधिनियम पर भी हस्ताक्षर किए। यह अधिनियम अमेरिका में डिजिटल मुद्रा (स्टेबलकॉइन) से संबंधित पहला संघीय कानून है, जो इस क्षेत्र में स्पष्ट और सरल नियामकीय ढांचा प्रदान करता है।

    इस अधिनियम के अंतर्गत स्टेबलकॉइन जारी करने वाली संस्थाओं को यह बताना अनिवार्य होगा कि उनके पास आरक्षित निधियों के रूप में अमेरिकी डॉलर, मांग जमा (डिमांड डिपॉज़िट), सरकारी बॉन्ड अथवा अन्य स्वीकृत परिसंपत्तियां मौजूद हैं। इस प्रणाली की निगरानी फेडरल रिज़र्व और मुद्रा नियंत्रक कार्यालय (OCC) द्वारा की जाएगी।

    डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि वे अमेरिका को क्रिप्टोकरेंसी का वैश्विक केंद्र बनाना चाहते हैं। उनके अनुसार, स्टेबलकॉइनों का प्रयोग न केवल अमेरिकी ट्रेज़री की मांग को बढ़ाएगा, बल्कि इससे ब्याज दरों में गिरावट आएगी और डॉलर को वैश्विक आरक्षित मुद्रा के रूप में और भी सशक्त बनाया जा सकेगा। US News

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