Bangladesh student protest: ढाका। बांग्लादेश में हाल ही में हुए एक दर्दनाक विमान हादसे के बाद देशभर में आक्रोश का माहौल है। इस दुर्घटना को लेकर छात्रों द्वारा किए गए विरोध-प्रदर्शन पर अंतरिम सरकार की सख्त कार्रवाई ने नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। इस कार्रवाई की अवामी लीग ने कड़ी आलोचना की है। Bangladesh News
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार को राजधानी ढाका में सचिवालय भवन के बाहर और दुर्घटना स्थल के आसपास छात्रों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी शिक्षा सलाहकार और शिक्षा सचिव के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इस बीच पुलिस कार्रवाई में 75 से अधिक छात्र घायल हुए, जिनका उपचार ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया गया।
हादसे में अब तक 32 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 165 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। अंतरिम सरकार के शीर्ष सलाहकार और प्रेस सचिव जब निरीक्षण के लिए पहुंचे, तो छात्रों और शिक्षकों ने उन्हें घेरकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार ने हादसे से जुड़ी जानकारी को तोड़ा-मरोड़ा और वास्तविक आंकड़ों को छिपाया गया। Bangladesh News
अवामी लीग ने एक आधिकारिक वक्तव्य जारी कर कहा, “माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज में फाइटर जेट दुर्घटना के बाद छात्रों, अभिभावकों और कर्मचारियों पर अत्याचार और दमन की घटनाएं लगातार हो रही हैं। 24 घंटे के भीतर सच्चाई को छिपाने, पुलिस बल तैनात करने, साउंड ग्रेनेड, आंसू गैस और घातक हथियारों के प्रयोग ने सरकार की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है।”
हताहतों की सूची को जानबूझकर गुप्त रखा गया
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि हताहतों की सूची को जानबूझकर गुप्त रखा गया और शोकाकुल छात्रों व उनके परिवारजनों पर जबरन कार्रवाई की गई। मानवाधिकारों की पूर्णत: अनदेखी करते हुए प्रदर्शनकारियों पर बलप्रयोग किया गया, जिससे पीड़ित परिवारों को और मानसिक आघात पहुंचा।
अवामी लीग का कहना है कि सलाहकारों के इस्तीफे की मांग को लेकर लाखों छात्र, शिक्षक और अभिभावक सड़कों पर उतर आए, जो यह दर्शाता है कि मौजूदा शासन जन विश्वास खो चुका है। जब अंतरिम सरकार के प्रतिनिधि दुर्घटनास्थल पर पहुंचे, तो उन्हें छात्रों और स्थानीय लोगों के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा, जिन्होंने उनके बयानों को “झूठ और भ्रामक” करार दिया।
पार्टी ने सरकार की नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा कि, “शिक्षण संस्थानों में बल का प्रयोग, घातक हथियारों का उपयोग और पत्रकारों को डराने की घटनाएं दर्शाती हैं कि शासन अब जनभावनाओं से पूरी तरह कट चुका है। यह सत्ता के बल पर टिके रहने का असफल प्रयास है।” अवामी लीग ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह युनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार द्वारा शुरू की गई दमनकारी कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाएं। पार्टी ने नागरिकों की न्याय और जवाबदेही की मांग को वैश्विक समर्थन दिलाने की भी अपील की है। Bangladesh News