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    ड्रोन है या कबूतर? मज़ाक है या साजिश? उड़ती लाइटों से सहमे गांव, पुलिस भी उलझन में…

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    Muzaffarnagar ड्रोन है या कबूतर? मज़ाक है या साजिश? उड़ती लाइटों से सहमे गांव, पुलिस भी उलझन में...

    Muzaffarnagar: मुज्जफरनगर अनु सैनी। उत्तर भारत के गांवों में इन दिनों आसमान में उड़ती लाल-हरी लाइटें लोगों के बीच डर और दहशत का कारण बनी हुई हैं। कभी लोग इन्हें ड्रोन समझते हैं, तो कभी कोई उड़ता परिंदा। लेकिन असली सवाल यह है कि आख़िर ये उड़ती चीज़ें हैं क्या? क्या कोई मज़ाक कर रहा है, या ये किसी चोरी गिरोह की चाल है? पुलिस को बार-बार ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं, मगर हर बार जवाब अलग होता है — और रहस्य गहराता जा रहा है।

    ककरौली: ‘ड्रोन’ को पकड़ने पहुंची पुलिस, निकला कबूतर | Muzaffarnagar

    मुज़फ्फरनगर के ककरौली थाना क्षेत्र में मंगलवार रात गांव के आसमान में उड़ती लाल और हरी लाइटें देखी गईं। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी कि कोई ड्रोन गांव में घूम रहा है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने रातभर इलाके की घेराबंदी की और उस उड़ती चीज़ का पीछा किया।
    पकड़ने के बाद जो सामने आया, उसने सबको चौंका दिया। वह कोई हाईटेक ड्रोन नहीं, बल्कि एक कबूतर था — जिसके गले और पैरों में लाल और हरी LED लाइटें बंधी थीं। जांच में सामने आया कि गांव जटवाड़ा के सुएब और साकिब ने यह हरकत की थी। पुलिस के अनुसार, लाइटें दिल्ली से मंगवाकर कबूतर के साथ बांधी गई थीं ताकि “ड्रोन” जैसी चीज़ उड़ाई जा सके और अफवाह फैलाई जा सके।

    सहारनपुर: कबूतर गिरा मंदिर के पास, मचा हड़कंप

    सहारनपुर जिले के बेहट थाना क्षेत्र के गांव चेंची में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया। देर रात एक कबूतर रविदास मंदिर के पास गिरा — उसके पैरों में भी लाइटें बंधी थीं। पहले समझा गया कि यह ड्रोन है और किसी साजिश का हिस्सा हो सकता है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और पता चला कि गांव के युवक एहतेशाम ने इसे उड़ाया था। उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया।

    ड्रोन की आड़ में गिरोह? या मज़ाक बन गया अपराध?

    इन दोनों घटनाओं ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। एक ओर जहां पुलिस इसे शरारती तत्वों की हरकत बता रही है, वहीं स्थानीय लोगों को अब शक है कि कहीं चोरों या असामाजिक तत्वों का कोई गिरोह तो नहीं है, जो ड्रोन की आड़ में घरों की टोह ले रहा है।
    कुछ ग्रामीणों का मानना है कि यह कोई साइबर-जासूसी से जुड़ी चाल भी हो सकती है, तो कुछ इसे सोशल मीडिया पर वायरल होने की सनक का नतीजा मानते हैं।हालात यह हैं कि अब कोई भी लाइट वाली उड़ती चीज़ दिखाई दे, तो गांव के लोग सतर्क हो जाते हैं। बच्चे, बुज़ुर्ग, महिलाएं सभी भयभीत हैं।

    पुलिस की सख्त चेतावनी और अपील

    एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत और एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने साफ किया है कि बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति ड्रोन न उड़ाए। पुलिस ने सभी ड्रोन संचालकों को पहले से रजिस्ट्रेशन करवाने और सीमित क्षेत्र में ही उड़ान की अनुमति लेने की हिदायत दी है। साथ ही आम लोगों से अपील की है कि अगर कोई संदिग्ध चीज़ दिखे या कोई अफवाह सुनें, तो सीधे पुलिस को सूचना दें — खुद से कार्रवाई करने या सोशल मीडिया पर फैलाने से बचें।

    अभी असली जवाब बाकी है…

    सवाल अब भी वहीं खड़ा है —
    क्या यह सिर्फ कुछ युवकों की शरारत है?
    या कोई गिरोह ड्रोन की शक्ल में जासूसी कर रहा है?
    कबूतरों के ज़रिए उड़ती लाइटों का मकसद क्या है?
    और क्या अगली बार यह वाकई ड्रोन निकलेगा?
    फिलहाल, पुलिस जांच कर रही है… लेकिन ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ चुकी है।