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    कपाल मोचन क्षेत्र के सामाजिक संगठन एवं धर्मशाला संचालकों की बैठक आयोजित

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    कपाल मोचन क्षेत्र के सामाजिक संगठन एवं धर्मशाला संचालकों की बैठक आयोजित

    छछरौली (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। Chhachhrauli News: मेला प्रशासक एवं उपमंडल अधिकारी (ना.) व्यासपुर जसपाल सिंह गिल की अध्यक्षता में कपाल मोचन क्षेत्र की सामाजिक संस्थाओं एवं धर्मशालाओं के संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक श्राइन बोर्ड कार्यालय सूरजकुंड पर आयोजित हुई। इस बैठक में मेला अधिकारी एवं खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी व्यासपुर आस्था गर्ग, नायब तहसीलदार व्यासपुर दलजीत सिंह, लेखाकार पंकज अग्रवाल, विकास, अश्वनी धीमान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। Chhachhrauli News

    बैठक में मेला प्रशासक जसपाल सिंह गिल ने जानकारी दी कि इस वर्ष कपाल मोचन आदि बद्री मेला 1 नवम्बर से 5 नवम्बर 2025 तक आयोजित किया जाएगा। मेले के सफल आयोजन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने बताया कि इस मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं, इसलिए सभी विभाग आपसी तालमेल से कार्य करें।मेला प्रशासक श्री कपाल मोचन श्री आदिबद्री जसपाल सिंह गिल ने धर्मशालाओं के संचालकों को निर्देश दिए कि मेले की तैयारियों के मद्देनजर श्री कपाल मोचन मेला क्षेत्र में स्थित सभी धर्मशाला/धार्मिक संस्थानों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए व अपने-अपने संस्थानों में रंग-रोगन का कार्य मेला आरम्भ होने से पूर्व करवाना सुनिश्चित करें।

    न्होंने कहा कि सभी धर्मशाला एवं धार्मिक संस्थान प्रबंधक अपने-अपने संस्थानों में शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था करना सुनिश्चित करेंगे तथा अपने-अपने संस्थानों में कमरे किराये पर देने से पूर्व उनके आधार कार्ड इत्यादि की जाँच करें व उनका रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करें ताकि असामाजिक/अपराधिक गतिविधि न हो। Chhachhrauli News

    उन्होंने सभी धर्मशाला एवं धार्मिक संस्थान प्रबंधकों को निर्देश दिये कि वें अपने-अपने संस्थानों में लगने वाले लाउड स्पीकरों की आवाज नियंत्रित रखें ताकि मेला के दौरान प्रशासन द्वारा समय-समय पर श्रद्धालुओं हेतु जारी की जाने वाली सूचनाएं एवं गुमशुदा व्यक्तियों बारे सूचनाएं श्रद्धालुओं तक बिना किसी अवरोध के पहुंच पाएं तथा प्रत्येक धर्मशाला में मेला प्रशासक के उपयोग हेतु कम से कम दो कमरे रिजर्व रखे जाएं। सभी धर्मशाला एवं धार्मिक संस्थानों में चलने वाले भण्डारों में उपयोग होने वाली खाद्य सामग्री उच्च गुणवत्ता की हो। जिसका विशेष ध्यान रखा जाए। सभी धर्मशाला एवं धार्मिक संस्थानों में नशीले पदार्थों के सेवन पर प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए।

    सभी धर्मशाला एवं धार्मिक संस्थानों द्वारा मेला प्रशासक की ओर से समय-समय पर जारी की जाने वाली हिदायतों एवं निर्देशों का आवश्यक रूप से पालन किया जाए। मेला में आगजनी के कारण किसी अप्रिय घटना के होने से बचाव हेतु अग्निशमन यंत्र/रेत इत्यादि आवश्यक प्रबंध किए जाए।

    उन्होंने कहा कि मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार रखा जाए व उनके साथ पूर्ण सहयोग किया जाए व मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए कमरे उचित दरों पर उपलब्ध करवाए जाएं। बिजली व स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाएं। मेला क्षेत्र में आने वाली प्रत्येक धर्मशाला अथवा धार्मिक संस्थान में मेला प्रशासन द्वारा आपात स्थिति के लिए जारी किए जाने वाले हेल्पलाइन नम्बरों का डिस्प्ले किया जाए। मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और समाज की सहभागिता से ही मेले का आयोजन बेहतर ढंग से संभव हो सकेगा। उन्होंने अधिकारियों और सामाजिक संस्थाओं के संचालकों से आह्वान किया कि मेले की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी पूरी जिम्मेदारी के साथ सहयोग करें। Chhachhrauli News

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