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    ब्राजील में लहराया तिरंगा, प्रताप स्कूल की अपर्णा ने जीता सिल्वर मेडल

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    Kharkhoda: ब्राजील में लहराया तिरंगा, प्रताप स्कूल की अपर्णा ने जीता सिल्वर मेडल

    खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)। Kharkhoda: ब्राजील में आयोजित 17वीं वर्ल्ड वुशु चैम्पियनशिप 2025 में प्रताप स्कूल की खिलाड़ी अपर्णा दहिया (52 किग्रा वर्ग) ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए सिल्वर मैडल जीतकर देश, प्रदेश , जिला व गाँव सिलाना व का नाम रोशन किया। इस प्रतियोगिता में प्रताप स्कूल के रवि पांचाल ने भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। अपर्णा अब तक पाँच अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं। Kharkhoda

    हाल ही में उन्होंने चीन में आयोजित एशियन वुशु चैम्पियनशिप और ब्रिक्स गेम्स में भी पदक हासिल कर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया। इस उपलब्धि पर द्रोणाचार्य अवार्डी ओ.पी. दहिया, एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. सुबोध दहिया, प्राचार्या दया दहिया और वुशु कोच विनोद गुलिया ने अपर्णा को बधाई दी। द्रोणाचार्य अवार्डी ओमप्रकाश दहिया ने बताया कि प्रताप स्कूल की होनहार खिलाड़ी अपर्णा दहिया ने वर्ल्ड वुशु चैम्पियनशिप में सिल्वर मैडल जीतकर भारत का तिरंगा ऊँचा किया। यह सफलता केवल अपर्णा की नहीं है, बल्कि यह हर उस खिलाड़ी की जीत है जो मैदान में पसीना बहाकर अपने सपनों को साकार करने की हिम्मत रखता है। खेल केवल जीतने का नाम नहीं, बल्कि अनुशासन, परिश्रम और आत्मविश्वास का दूसरा नाम है। Kharkhoda

    अपर्णा ने यह साबित किया है कि अगर लक्ष्य बड़ा हो और मेहनत सच्ची हो, तो हर कठिनाई छोटी लगती है। एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. सुबोध दहिया ने कहा कि अपर्णा दहिया की जीत केवल खेल की सफलता नहीं है, बल्कि यह हमारे पूरे शैक्षणिक दृष्टिकोण की उपलब्धि है। हमारी सोच हमेशा यही रही है कि शिक्षा केवल किताबों और अंकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शिक्षा का सही अर्थ है — जीवन मूल्यों, खेल, कला और नैतिकता के साथ संतुलित विकास। अपर्णा ने एक बार फिर यह साबित किया कि बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। आज समाज में बेटियों के लिए अवसर और मंच उपलब्ध हों तो वे विश्व स्तर पर देश का नाम रोशन करने मैं पीछे नहीं हटाती। Kharkhoda

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