मरणोपरांत माता शांति देवी इन्सां का शरीर चिकित्सा रिसर्च के लिए दान
हनुमानगढ़ (सच कहूँ/हरदीप सिंह)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की ओर से चलाई जा रही ‘अमर सेवा मुहिम’ के तहत हर रोज एक नया दधीचि सामने आ रहा है। पूज्य गुरु जी का ही कमाल है कि आज डेरा सच्चा सौदा के लाखों सेवादार अपने शरीर को दान कर दधीचि बनने का प्रण ले चुके हैं। दधीचियों की इस श्रृंखला में अपना नाम शामिल करवाया है हनुमानगढ़ ब्लॉक के गांव मक्कासर की निवासी डेरा सच्चा सौदा सेवादार माता शांति देवी इन्सां (75) पत्नी लालचंद असीजा ने। जीते जी मरणोपरांत शरीरदान करने का प्रण लेने वाली माता के परिजनों ने शांति देवी इन्सां का पार्थिव शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर इन्सानियत का फर्ज निभाया है। Hanumangarh News
जानकारी के अनुसार गांव मक्कासर निवासी सेवादार प्रेम असीजा इन्सां व नरेश असीजा की माता शांतिदेवी इन्सां शुक्रवार को अपनी स्वासों रूपी पूंजी पूरी करते हुए कुल मालिक के चरण कमलों में सचखण्ड जा विराजीं। उनकी अंतिम इच्छा व पूज्य गुरु जी के दिखाए मार्ग का अनुसरण करते हुए परिवारवालों ने शनिवार को सचखण्डवासी माता शांतिदेवी इन्सां की पावन देह मेडिकल खोजों के लिए नेशनल कॉलेज ऑफ आयुर्वेद एंड हॉस्पिटल, बरवाला, हिसार, हरियाणा को दान कर एक अनोखी मिसाल कायम की।
बेटियों, पौत्रियों व पुत्रवधू ने अर्थी को कंधा देकर निभाया अपना फर्ज
उनको अंतिम विदाई देने के लिए ब्लॉक जिम्मेवारों के अलावा शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैलफेयर कमेटी के सेवादार, रिश्तेदार, परिजन, साध-संगत व परिचित उनके आवास पर एकत्रित हुए तथा विनती का भजन बोलकर विदा किया। इससे पूर्व पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर बेटियों को मिले अधिकार के तहत तीन बेटियों, पुत्रवधू व पौत्रियों ने सचखण्डवासी माता शांति देवी इन्सां की अर्थी को कंधा देकर अपने कर्तव्य का निर्वहन किया। सचखण्डवासी माता शांति देवी इन्सां के परिजनों व अन्यों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। Hanumangarh News

फूलों से सजी एंबुलेंस में सचखण्डवासी माता शांति देवी इन्सां के पार्थिव शरीर को रखकर अंतिम यात्रा उनके निवास से लेकर गांव में मुख्य मार्ग तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में डेरा श्रद्धालु व गणमान्य नागरिक शामिल हुए। हर किसी के मुख पर मानवता के सच्चे प्रहरी का नाम था और ‘माता शांति देवी इन्सां अमर रहे.. अमर रहे..’ के नारे गूंज रहे थे। हर किसी का हाथ अपने आप सलामी के लिए उठ रहा था। इस मौके पर मौजूद गांव के गणमान्य नागरिकों ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा की ओर से चलाई गई शरीर दान मुहिम वाक्य में काबिले तारीफ है। क्योंकि एक डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल रिसर्च के लिए बॉडी का होना बहुत जरूरी है।
डेरा सच्चा सौदा सेवादारों का ऐसी घड़ी में शरीर दान करना दूसरों के लिए भी मिसाल पैदा कर रहा है। सचखण्डवासी माता शांति देवी इन्सां की देहदान के मौके पर सच्चे नम्र सेवादार सुमन कामरा इन्सां, सुखचन्द इन्सां, रणजीत इन्सां, गुरजंट इन्सां, हिमांशु इन्सां, राजेश इन्सां, हुकमाराम इन्सां, दुलीचन्द इन्सां, श्यामलाल इन्सां, त्रिलोक इन्सां, अंग्रेज इन्सां सहित शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैलफेयर कमेटी के सेवादार, साध-संगत व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।















