नाथूसरी चौपटा (सच कहूँ/भगत सिंह)। नाथूसरी कलां निवासी एवं सच कहूँ संवाददाता भगत सिंह के ससुर 84 वर्षीय रामरख इन्सां शनिवार को दिल का दौरा पड़ने से अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर कुल मालिक के चरणों में सचखंड जा विराजे। उनके मरणोपरांत स्वजन ने उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पवित्र शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम के तहत देहदान व ज्योतिदान मुहिम के तहत नेत्रदान कराया। उनका देहदान चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान, खेड़ा दरबार नजफगढ़ (नई दिल्ली) में किया गया, जहां मेडिकल विद्यार्थी उनके शरीर से विभिन्न बीमारियों की रोकथाम पर शोध कार्य करेंगे। Sirsa News

वहीं उनके नेत्र शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल स्थित पूज्य माता करतार कौर जी इंटरनेशनल आई बैंक में दान किए गए, जो दो नेत्रहीन व्यक्तियों की जिंदगी में रोशनी भरेंगे। रामरख इन्सां ब्लॉक नाथूसरी चौपटा के दूसरे देहदानी होने का सम्मान प्राप्त कर गए। शनिवार सुबह सचखंडवासी के आवास पर साध-संगत व परिजनों द्वारा अरदास का शब्द बोला गया। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को फूलों से सजी एंबुलेंस में रखकर गांव की मुख्य सड़क तक अंतिम विदाई यात्रा निकाली गई।
भावभीनी विदाई में गूंजे अमर रहें के नारे
इस दौरान शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों, साध-संगत व ग्रामीणों ने भावभीने नारों जब तक सूरज चांद रहेगा, शरीरदानी रामरख इन्सां तेरा नाम रहेगा, देहदानी रामरख इन्सां अमर रहें, अमर रहें से वातावरण गुंजायमान कर दिया। मुख्य सड़क से एंबुलेंस को धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा का इलाही नारा बोलकर व नम आंखों से मेडिकल कॉलेज की ओर रवाना किया गया।

पूज्य गुरु जी की बेटा-बेटी एक समान पवित्र शिक्षा को आगे बढ़ाते हुए उनकी बेटियों बिमला इन्सां, सपना इन्सां, प्रियंका इन्सां, पुत्रवधू कमलेश इन्सां, रायबीर इन्सां, पुत्र कृष्ण इन्सां व महेंद्र इन्सां सहित पौते-पौतियों के साथ मिलकर अर्थी को कंधा देकर समाज को एक सशक्त संदेश दिया। इस मौके पर ब्लॉक नाथूसरी चौपटा व नाथूसरी कलां की साध-संगत, परिजन व रिश्तेदार मौजूद रहे और भावपूर्ण माहौल में देहदानी रामरख इन्सां को अंतिम विदाई दी। Sirsa News















