Cyber Security: नई दिल्ली। देश में साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले स्मार्टफ़ोन में ‘संचार साथी’ ऐप को अनिवार्य रूप से प्री-इंस्टॉल करने का निर्णय लिया था। इस ऐप को अब तक 1.4 करोड़ से अधिक नागरिक डाउनलोड कर चुके हैं। बढ़ते उपयोग को देखते हुए, सरकार ने बुधवार को मोबाइल निर्माताओं के लिए इसे प्री-इंस्टॉल करने की अनिवार्यता समाप्त करने का निर्णय अधिसूचित किया। Sanchar Saathi News
सरकार का आधिकारिक वक्तव्य
संचार मंत्रालय द्वारा 3 दिसंबर को जारी बयान में कहा गया कि ‘संचार साथी’ ऐप आम जनता की सुरक्षा के मद्देनज़र विकसित किया गया है, जो डिजिटल स्पेस में होने वाले साइबर अपराधों और धोखाधड़ी से लोगों की रक्षा करने में सहायक है। यह ऐप नागरिकों को ऐसे अपराधों की रिपोर्ट करने में “जनसहभागिता” को बढ़ावा देता है और उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराता है।
मंत्रालय के अनुसार, इस ऐप में उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा से इतर कोई अतिरिक्त सुविधा शामिल नहीं है और लोग अपनी इच्छा से इसे कभी भी अनइंस्टॉल कर सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से सुरक्षित और जनहित हेतु बनाया गया उपकरण है।
वर्तमान में, प्रतिदिन लगभग 2,000 साइबर धोखाधड़ी मामलों की जानकारी इस ऐप के माध्यम से साझा की जा रही है। पिछले 24 घंटों में ही 6 लाख से अधिक लोगों ने इसे डाउनलोड के लिए पंजीकरण किया, जो इसके प्रति नागरिकों के बढ़ते विश्वास का संकेत है। जनभागीदारी बढ़ने और सकारात्मक प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने निर्णय लिया है कि मोबाइल कंपनियों के लिए ऐप का प्री-इंस्टॉलेशन अब अनिवार्य नहीं रहेगा। Sanchar Saathi News















