छछरौली (सच कहूं/राजेंद्र कुमार)। Chhachhrauli News: एक ओर अवैध खनन के खिलाफ लगातार सख्ती के दावे किए जा रहे है, दूसरी ओर छछरौली-शाहपुर रोड पर खनन माफिया खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ा रहा है। रिजर्व फॉरेस्ट से होकर गुजरने वाला यह नया लिंक रोड अब आमजन के लिए नहीं, बल्कि अवैध रेत-बजरी से लदे ओवरलोड वाहनों के लिए सुरक्षित गलियारा बन चुका है।
हैरानी की बात यह है कि यह सड़क महज दो-तीन महीने पहले ही बनाई गई थी, लेकिन रात-दर-रात दौड़ रहे भारी ट्रक, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रालियों ने इसे तोड़कर रख दिया है। सड़क जगह-जगह से धंस चुकी है, फिर भी पुलिस, प्रशासन और जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। इस मामले में रास्ते के किनारे जंगल के साथ बने गुरुद्वारा के निहंग मुखी सेवक अमर सिंह ने अब परिवहन मंत्री अनिल विज से मिलकर शिकायत देने की बात कही है।
रात होते ही कानून गायब, सैकड़ों वाहन बेखौफ | Chhachhrauli News
दिन में शांत दिखने वाला यह मार्ग रात ढलते ही अवैध खनिज परिवहन का अड्डा बन जाता है। स्थानीय लोगों का दावा है कि हर रात सैकड़ों वाहन बिना बिल, बिना ई-रवाना और बिना रॉयल्टी चुकाए इस रोड से गुजरते हैं। सवाल यह है कि जब ग्रामीण सब देख रहे हैं तो जिम्मेदार अधिकारी क्या सो रहे हैं?
गुरुद्वारा साहिब के मुखी सेवक ने खोला मोर्चा
रिजर्व फारेस्ट एरिया के समीप बने गुरुद्वारा संतोख पुरा साहिब (बीड़ वाला गुरुद्वारा) मुखी सेवादार बाबा बुढढा दल के निहंग बाबा अमर सिंह ने बताया कि हर रात को सैकड़ों की संख्या में ट्रक व ट्रालियां रेत- बजरी लेकर यहां से निकलती है। जिसकी वजह से सड़क जगह-जगह से टूट गई है। यह रोड भारी वाहनों के लिए नहीं बनाया गया था, इसके बावजूद लगातार रात भर सड़क से ओवरलोड वाहन निकल रहे है। कई बार वाहन सड़क पर धंस जाते है। इसके बाद जाम लग जाता है।
उन्होंने बताया कि वन विभाग इसी वजह से इस रोड के निर्माण के पक्ष में नहीं था, जिसकी वजह से इस सड़क को बनाने के लिए दशकों लग गए मगर अब हालत ऐसी हो गई है आम आदमी के लिए बनाया गया यह रोड ओवरलोड व बिना बिल के वाहनों का रास्ता बन गया है। रात जंगल में नील गाय के अलावा अन्य जीव जंतु भी रहते है शोर की वजह से जो जंगल के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाने से डरते हैं। Chhachhrauli News
गुरुद्वारा साहिब के मुखी सेवक को चुप्प कराने का प्रयास
रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में स्थित गुरुद्वारा संतोखपुरा साहिब के निहंग मुखी सेवक बाबा अमर सिंह ने अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाई तो उन्हें डराने का प्रयास किया जाने लगा। उन्होंने खुलासा किया कि उनके पास अवैध वाहन चलाने वाले ट्रांसपोर्टर न केवल डराने आए, बल्कि अवैध वाहनों को चलने देने के बदले लालच भी दिया गया। बाबा अमर सिंह का साफ कहना है कि जंगल के रास्ते से अवैध कारोबार किसी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।
शिकायतें दीं, कार्रवाई शून्य
29 नवंबर 2025 को ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी के एसडीओ को लिखित शिकायत देकर सड़क पर बैरिकेड लगाने की मांग की थी, ताकि भारी वाहनों की आवाजाही रोकी जा सके। दो महीने से ज्यादा बीत जाने के बावजूद न तो बैरिकेड लगे और न ही किसी अधिकारी ने मौके पर झांकने की जहमत उठाई।
पंचायत–बीडीपीओ भी मौन, करोड़ों के राजस्व का नुकसान
यह मार्ग पशु अस्पताल के आगे से पंचायत क्षेत्र से होकर गुजरता है, जहां बैरिकेड लगवाना पंचायत और बीडीपीओ कार्यालय की जिम्मेदारी है। ओवरलोड वाहनों से पंचायत की गलियां भी टूट रही हैं, लेकिन सरपंच से लेकर बीडीपीओ तक सभी चुप्पी साधे हुए हैं। बताया जा रहा है कि पिछले तीन महीनों में ही इन अवैध वाहनों से सरकार को रॉयल्टी के रूप में करोड़ों रुपये का चूना लग चुका है। Chhachhrauli News
सख्ती सिर्फ कागजों में?
जब पीडब्ल्यूडी विभाग सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है, तो अब तक एक भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
अब गुरुद्वारा मुखी ने ग्रामीणों को साथ लेकर परिवहन मंत्री अनिल विज से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करने का फैसला किया है। सवाल यह है कि कार्रवाई कब होगी, या फिर यह सड़क यूं ही अवैध खनन की भेंट चढ़ती रहेगी?
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