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    Sirsa: सच्चे नम्र सेवादार जीत बजाज इन्सां को नामचर्चा कर व सेवा कार्यों से दी श्रद्धांजलि

    Sirsa News
    नामचर्चा में उपस्थित साध-संगत

    सेवा कार्य, गौ सेवा, रक्तदान, विद्यादान व जरूरतमंदों की मदद कर दी श्रद्धांजलि

    सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। सच्चे नम्र सेवादार रहे शरीरदानी जीत बजाज इन्सां की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर वीरवार दोपहर बाद रानियां रोड स्थित कंबोज धर्मशाला में ब्लॉक स्तरीय श्रद्धांजलि नामचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में परिवारजनों, सगे-संबंधियों के साथ-साथ सरसा ब्लॉक की बड़ी संख्या में साध-संगत व सच्चे नम्र सेवादारों ने भाग लेकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए परिजनों की ओर से विभिन्न मानवता भलाई कार्य किए गए। गौ वन घर मुहिम के तहत गऊओं को 5 क्विंटल हरा चारा दिया गया। Sirsa News

    वहीं नेचर कैंपेन के तहत पौधारोपण किया गया। ट्रयू ब्लड पंप मुहिम के अंतर्गत 7 सदस्यों ने रक्तदान किया। क्लॉथ बैंक मुहिम के तहत 11 जरूरतमंदों को रजाइयां वितरित की गईं। इसके अलावा फूड बैंक मुहिम के तहत 16 अति जरूरतमंद परिवारों को एक-एक माह का राशन, विद्यादान मुहिम के तहत 51 स्कूली बच्चों को स्टेशनरी तथा जननी सत्कार मुहिम के अंतर्गत 5 अति जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार किटें प्रदान की गईं। इसके साथ ही सरसा ब्लॉक की साध-संगत की ओर से संयुक्त रूप से 11 जरूरतमंद परिवारों को राशन वितरित कर सच्चे नम्र सेवादार को सच्ची श्रद्धांजलि दी गई।

    ”उनकी कमी साध-संगत को सदैव खलती रहेगी”

    ब्लॉक स्तरीय नामचर्चा की शुरूआत ब्लॉक प्रेमी सेवक कस्तूर सोनी इन्सां द्वारा इलाही नारा लगाकर की गई। इसके पश्चात चेतावनी प्रथाएं भजन-शब्द गाकर साध-संगत को राम-नाम के जाप के लिए प्रेरित किया गया। नामचर्चा में विशेष रूप से पहुंचे सच्चे नम्र सेवादार पालाराम सचदेवा इन्सां ने सचखंडवासी जीत बजाज इन्सां को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा मानवता भलाई कार्यों में अग्रणी रहते थे और उनकी कमी साध-संगत को सदैव खलती रहेगी। उन्होंने कहा कि जीत बजाज इन्सां द्वारा दिखाए गए रास्ते पर आज भी उनका पूरा परिवार चल रहा है।

    वहीं ब्लॉक प्रेमी सेवक कस्तूर सोनी इन्सां ने कहा कि जीत बजाज इन्सां ने कभी भी मानवता भलाई के कार्यों से पीछे कदम नहीं खींचा और आज उनके परिवार द्वारा किए गए सेवा कार्य उनकी सच्ची स्मृति और प्रेरणा का प्रतीक हैं। अंत में सुमिरन व ग्रंथ के अनमोल वचन पढ़कर नामचर्चा का समापन किया गया। इस अवसर पर सचखंडवासी की धर्मपत्नी वीना बजाज इन्सां, पुत्र साजन बजाज इन्सां, रजत बजाज इन्सां, पुत्रवधू महक इन्सां,पौता समर्थ बजाज इन्सां सहित समस्त बजाज परिवार व साध-संगत मौजूद रही। Sirsa News