1506 लोगों को टूलकिट व 867 को मिला ऋण
सरसा (सच कहूँ न्यूज)। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य हाथों और औजारों के माध्यम से कार्य करने वाले पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों की पहचान कर उन्हें सशक्त बनाना है। योजना के तहत उन कारीगरों और शिल्पकारों को लाभ दिया जाएगा जो 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं और असंगठित क्षेत्र में स्व-रोजगार के आधार पर परिवार आधारित पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े हुए हैं। पीएम विश्वकर्मा योजना से पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और उनके कौशल को नई पहचान प्राप्त होगी। पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत बढ़ई, सुनार, लोहार, कुम्हार, दर्जी, मोची, धोबी, राजमिस्त्री, नाई, माला निमार्ता, टोकरी व चटाई निमार्ता, खिलौना निमार्ता सहित अनेक पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है। Haryana News
MSME Loan: जिला एमएसएमई के उप निदेशक दिनेश कुमार ने बताया कि अब तक सरसा जिले में पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 4540 पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों का कौशल सत्यापन किया जा चुका है, जबकि 3810 कारीगरों को बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इनमें से 1506 कारीगरों को 15 हजार रुपए की टूलकिट डाक विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है, जिससे वे अपने कार्य को और अधिक सशक्त रूप से कर सकें। इसके अलावा, विभिन्न बैंकों को भेजे गए 2450 आवेदनों में से 867 कारीगरों के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 775 कारीगरों को ऋण राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक हुनर को नई पहचान देने के साथ-साथ कारीगरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित हो रही है। Haryana News















