Aam Budget 2026: नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में किसानों की आय बढ़ाने के लिये बहु भाषीय एआई टूल ‘भारत विस्तार’ का प्रस्ताव किया है। श्रीमती सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि इस टूल के जरिए किसानों की आय बढा़ने में मदद की जायेगी। उनका कहना था कि ‘भारत विस्तार’नाम के इस बहुभाषीय टूल के माध्यम से किसानों की आय बढ़ायी जायेगी।
उन्होंने कहा “भारत-विस्तार एक बहु भाषीय एआई टूल है जिसके जरिए किसानों की उत्पादकता बढ़ायी जायेगी और इससे विशिष्ट सलाह प्रदान कर किसानों को बेहतर निर्णय लेने और जोखिम को कम करने में मदद दी जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इस टूल के माध्यम से महिलाओं को भी सशक्त बनाया जाएगा। यह ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम ‘शी-मार्टस’ के जरिये महिलाओं को उद्यमों का मालिक बनने में मदद करेगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि रेयर अर्थ परमानेंट मैगनेट के लिए नवंबर 2025 में घोषित योजना के तहत खनिज संपदा से भरपूर ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में खनन, प्रसंस्करण, अनुसंधान एवं विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर स्थापित करने का प्रस्ताव किया जायेगा ताकि आयात पर निर्भरता कम की जा सके। साथ ही तीन समर्पित रासायनिक पार्कों की स्थापना में राज्यों की मदद की जायेगी।
पूंजीगत वस्तुओं के निर्माण में क्षमता निर्माण के लिए सार्वजनिक उपक्रमों की सहायता से दो स्थानों पर हाईटेक टूल रूम का निर्माण किया जायेगा जो कम लागत पर हाई प्रीसीजन कंपोनेंट का डिजाइन, परीक्षण और विनिर्माण करेंगे। विनिर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए उपकरण निर्माण के लिए भी एक योजना की घोषणा की गयी।
कंटेनर विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए पांच साल में 10 हजार करोड़ रुपये के आवंटन के साथ एक योजना शुरू की जायेगी। कपड़ा क्षेत्र के लिए एकीकृत कार्यक्रम की घोषणा की गयी। वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और परिधानों को बढ़ावा देने के लिए टैक्स-इको की पहल की घोषणा की गयी। उन्होंने समर्थ 2.0 की भी घोषणा की जिसका उद्देश्य वस्त्र कौशल परिवेश का आधुनिकीकरण है।
वित्त मंत्री ने बताया कि देश में मेगा टेक्सटाइल पार्क भी स्थापित किये जायेंगे। दो सौ पारंपरिक औद्योगिक क्लस्टरों का पुनर्विकास किया जायेगा। एमएसएमई के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की एसएमई विकास निधि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत निधि में दो हजार करोड़ रुपये और जोड़े जायेंगे।















