एक एक करके 24 जरुरतमंद परिवारों को दिया आशियाना
कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। एमएसजी महारहमो कर्म दिवस का भंडारा रविवार को देश-विदेश की साध-संगत ने धूमधाम से मनाया। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने इस अवसर पर साध-संगत को इस पावन दिवस की बधाई दी और फरमाया कि सच्चे साईं जी शाह मस्ताना जी महाराज ने बड़ी सादगी में रहते हुए सीधी-सादी भाषा में साध-संंगत को राम-नाम, अल्लाह, वाहेगुरु की बात बताई और पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज को 28 फरवरी 1960 को पावन गुरुगद्दी की बख्शिश की। MSG Maharahmokarm Bhandara
पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि सच्चे दातार पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने देश के विभिन्न प्रांतों में हजारों सत्संग फरमाए और 12 लाख से अधिक लोगों का नशा छुड़वाया और परमात्मा के नाम से जोड़ा। पूज्य गुरु जी ने आगे फरमाया कि शाह सतनाम जी महाराज के पावन महापरोपकार गिनवाए नहीं जा सकते। पूजनीय परमपिता जी ने बेअंत रहमतें कीं। सच्चे सतगुरू जी ने ही थ्री इन वन करते हुए, हम थे, हम हैं और हम ही रहेंगे, के वचन फरमाए हम ही हैं- बात ही खत्म हो गई और आज भी सब कुछ वे ही करन करावनहार हैं।
इस दौरान पावन गुरुगद्दी दिवस से संबंधित एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। इस पावन अवसर पर 37 शादियां हुईं और शादी वाले लड़के-लड़कियों के परिवारों ने मानवता भलाई के लिए रक्तदान, पौधारोपण करना, नशा छुड़वाना, जरूरतमंदों की मदद जैसे अनगिणत कार्य किए। भंडारे की समाप्ति पर साध-संगत को हलवे का प्रसाद व लंगर भोजन भी खिलाया गया। MSG Maharahmokarm Bhandara



















