बेटे के सुरक्षित होने की खबर सुन भावुक हुए पिता
संगरिया (सच कहूँ/सुरेन्द्र जग्गा)। डेरा सच्चा सौदा की ‘इंसानियत’ मुहिम एक बार फिर किसी परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। संगरिया के सेवादारों ने 3 दिन से लापता एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति को मात्र 12 घंटों के भीतर उसके परिजनों से मिलवाकर मानवता की मिसाल पेश की है। जानकारी के अनुसार, संगरिया थाना अधिकारी हनुमान ने सेवादारों को एक 35 वर्षीय मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति के बारे में सूचना दी थी। सूचना मिलते ही शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादार तुरंत मौके पर पहुंचे। Sangaria News
व्यक्ति की हालत को देखते हुए उसे मानवता भलाई केंद्र लाया गया। देखभाल और सेवा के बाद जब व्यक्ति की हालत में सुधार हुआ, तो उसने अपनी पहचान जगजीवन पुत्र दीवान सिंह, निवासी कोठे गुरुसर के रूप में बताई। सेवादारों ने बिना समय गंवाए संबंधित क्षेत्र की साध-संगत से संपर्क किया और 12 घंटों में उसके परिवार का पता लगा लिया। बेटे के सुरक्षित मिलने की खबर पाकर पिता दीवान सिंह संगरिया पहुंचे। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि वह दिहाड़ी मजदूरी कर घर चलाते हैं।
बेटे से मिलते हुए उन्होंने कहा कि धन्य हैं आपके पूज्य गुरुजी जिनकी बदौलत उनके सेवादार ऐसे भलाई के कार्य कर रहे हैं। जगजीवन उनका इकलौता बेटा है, मानसिक बीमारी के कारण वह घर से भटक गया था। पिता ने डेरा सेवादारों का आभार जताते हुए कहा कि वे उनके इस उपकार को कभी नहीं भूलेंगे। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जगजीवन को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस सेवा कार्य में लालचंद इन्सां, मोनू इन्सां, महेश गोयल इन्सां, गुरचरण खोसा इन्सां, लवली गर्ग इन्सां, संदीप बाघला इन्सां, अमरा राम इन्सां, सुखदेव इन्सां, बबलू इन्सां और सुरेन्द्र जग्गा इन्सां ने भूमिका निभाई। Sangaria News















