
Haryana Highway: प्रतापनगर, राजेन्द्र कुमार। यमुनानगर में सहारनपुर हाईवे की खस्ता हालत को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। लंबे समय से जर्जर सड़क, गड्ढों और बढ़ते ट्रैफिक के कारण लोगों को रोजाना जाम और हादसों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
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जाम और हादसों से परेशान लोग | Haryana Highway
सहारनपुर को जोड़ने वाला यह हाईवे क्षेत्र के लिए बेहद अहम मार्ग है। इसी रास्ते से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, जिनमें ट्रक, बसें और निजी वाहन शामिल हैं। सड़क पर गहरे गड्ढे और टूटी हुई सतह के कारण अक्सर वाहन फंस जाते हैं, जिससे लंबा जाम लग जाता है। बरसात के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता बेहद जोखिम भरा बन गया है।
फोरलेन की मांग तेज
स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने हाईवे को फोरलेन करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में दो लेन की सड़क अब पर्याप्त नहीं है। फोरलेन बनने से जाम की समस्या कम होगी और हादसों पर भी लगाम लगेगी।
₹38 करोड़ का प्रस्ताव तैयार
सूत्रों के अनुसार, सड़क के सुधार और चौड़ीकरण के लिए करीब 38 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यदि इस योजना को मंजूरी मिलती है, तो हाईवे का पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण किया जाएगा। इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि यह मार्ग केवल दो शहरों को ही नहीं, बल्कि कई गांवों को भी जोड़ता है, इसलिए इसकी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
फिलहाल सभी की नजरें प्रशासनिक मंजूरी पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही सड़क की हालत सुधरेगी और उन्हें जाम व हादसों से राहत मिलेगी।














