Shri Krishna Janmabhoomi Case: प्रयागराज। श्रीकृष्ण जन्मभूमि–शाही ईदगाह प्रकरण में शुक्रवार दोपहर 2 बजे से Allahabad High Court में महत्वपूर्ण सुनवाई निर्धारित है। इस दौरान Archaeological Survey of India (एएसआई) द्वारा अपना प्रत्युत्तर प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। इसके उपरांत दोनों पक्षों के अधिवक्ता रिपोर्ट के विभिन्न बिंदुओं पर तर्क रख सकते हैं। Allahabad High Court
उच्च न्यायालय में वर्तमान में हिंदू पक्ष की अनेक याचिकाएँ विचाराधीन हैं, जिनमें विवादित स्थल के संबंध में स्वामित्व, संरचना और अधिकारों को लेकर दावे किए गए हैं। दूसरी ओर, मस्जिद पक्ष ने दीवानी प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत कर समेकित वादों की कार्यवाही पर रोक लगाने का आग्रह किया है।
इससे पूर्व हुई सुनवाई में न्यायालय ने एएसआई को उत्तर दाखिल करने हेतु समय प्रदान किया था। पक्षकारों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अगली तिथि निर्धारित की थी, ताकि अभिलेखों और तथ्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया स्पष्ट की जा सके।
मथुरा स्थित यह स्थल लंबे समय से ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से चर्चा का विषय रहा है। हिंदू पक्ष का मत है कि वर्तमान संरचना से पूर्व यहाँ प्राचीन मंदिर विद्यमान था। वहीं मुस्लिम पक्ष मस्जिद की वैधानिक स्थिति और ऐतिहासिक निरंतरता का पक्ष प्रस्तुत करता है। Allahabad High Court
प्रकरण में भूमि स्वामित्व, पूजा-अधिकार, ऐतिहासिक साक्ष्य तथा पुरातात्विक परीक्षण जैसे अनेक प्रश्न शामिल हैं। न्यायालय में लंबित याचिकाओं के माध्यम से दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत कर रहे हैं। आगामी सुनवाई में एएसआई की रिपोर्ट और उस पर होने वाली बहस से मामले की दिशा पर विशेष प्रभाव पड़ सकता है।













