Sirsa News: ओढ़ां में सैकड़ों गरीब परिवारों के सपनों का आशियाना बिना किश्त के बिना छत खड़ा
PM Awas Yojana (Rural): ओढ़ां (सच कहूँ/राजू)। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत ओढ़ां खंड में सैकड़ों गरीब परिवारों के सपनों का आशियाना अधूरा खड़ा है। करीब एक वर्ष से मकान बिना छत के खड़े हैं और लाभार्थी किश्त जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। बीडीपीओ कार्यालय से लेकर गांव के सरपंचों तक चक्कर काटने के बावजूद उन्हें सिर्फ एक ही जवाब मिल रहा है बजट नहीं आया है। स्थिति यह है कि कई गांवों में सरपंचों ने अपने स्तर पर निर्माण सामग्री तक उठवा दी, लेकिन किश्त जारी न होने से उनका पैसा भी अटक गया है। Sirsa News
लाभार्थियों का कहना है कि उन्होंने पहली किश्त से मकान का ढांचा खड़ा कर लिया, पर दूसरी किश्त न मिलने से काम ठप पड़ा है। कुछ परिवारों को तो पहली किश्त भी नसीब नहीं हुई। वर्ष 2024-25 में ओढ़ां खंड से 843 आवेदनों में से 417 को पात्र पाया गया। इनमें से 174 लाभार्थियों को पहली किश्त ही नहीं मिली, जबकि 243 दूसरी किश्त का इंतजार कर रहे हैं। योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को 1.38 लाख रुपये तीन किश्तों में दिए जाने हैं। 45 हजार रुपये पहली किश्त (निर्माण शुरू करने हेतु), 60 हजार रुपये दूसरी किश्त (लेंटर तक कार्य पूरा होने पर) व 33 हजार रुपये तीसरी किश्त (मकान पूर्ण होने पर) दिए जाते है। पहली किश्त मिलने के बाद कई लाभार्थियों ने मकान का कार्य लेंटर तक पहुंचा दिया, लेकिन आगे की राशि न आने से छत डालने का काम पिछले एक साल से लटका हुआ है।
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गांव नुहियांवाली की सुनीता देवी, रानी, अंगूरी देवी, कमलेश, शांति देवी, सुमन देवी और बलराम ने बताया कि उन्होंने 45 हजार रुपये से निर्माण शुरू कर दिया था। उम्मीद थी कि जल्द दूसरी किश्त आ जाएगी, लेकिन अब मकान बिना छत के खड़े हैं। सालमखेड़ा, रोहिड़ांवाली, श्री जलालआना, मिठड़ी, लक्कड़ांवाली और ओढ़ां के लाभार्थियों ने बताया कि शीघ्र निर्माण की आस में उन्होंने पुराने मकान तक तोड़ दिए थे। बरसात के दिनों में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
गांवों के अनुसार लाभार्थियों की संख्या
इस योजना के तहत ओढ़ां खंड में कुल 417 लाभार्थी हैं। जिनमें गांव नुहियांवाली में 11, गांव ओढ़ां में 48, गांव देसुमलकाना में 57, गांव लक्कड़ांवाली में 38, गांव ख्योवाली में 06, गांव मलिकपुरा में 07, गांव मिठड़ी में 17, गांव किंगरे में 02, गांव जंडवाला जटान में 01, गांव जलालआना में 20, गांव चोरमारखेड़ा में 02, गांव टप्पी में 09, गांव जगमालवाली में 15, गांव घुकांवाली में 12, गांव सालमखेड़ा में 01, गांव रोहिड़ांवाली में 12, गांव हस्सू में 15, गांव चट्ठा में 06, गांव गदराना में 26, गांव कालांवाली में 08, गांव केवल में 15, गांव खोखर में 09, गांव खतरावां में 01, गांव माखा में 15, गांव नोरंग में 10, गांव पिपली में 04, गांव सिंघपुरा में 11, गांव तारुआना में 08, गांव तिगड़ी में 05 तथा गांव तिलोकेवाला में 01 लाभार्थी शामिल है। इन कुल 417 में से कुच्छेक को छोड़कर अधिकांश लाभार्थियों को योजना का पूरी तरह से योजना का लाभ नहीं मिला है। किसी का कार्य शुरू ही नहीं हो पाया तो किसी का बीच में ही लटका हुआ है।
बीडीपीओ कार्यालय के अकाउंटेंट सुभाष ने बताया बजट के अभाव में किश्त जारी नहीं हो रही है। हम अपनी रिपोर्ट में रिमाइंडर भी डालते रहते हैं। जब पीछे से बजट आएगा तभी किश्त जारी होगी। Sirsa News