मेरठ (सच कहूँ/अनु सैनी)। Meerut Metro: रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो के दूसरे चरण का उद्घाटन होने के बाद पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोग यात्रा का अनुभव लेने पहुंचे। यात्रियों में उत्साह साफ नजर आया—कई लोग सिर्फ ट्रेन का सफर करने, स्टेशनों की सुविधाएं देखने और नई परिवहन व्यवस्था का अनुभव लेने पहुंचे थे। हालांकि, जानकारी के अभाव में कई यात्रियों को नियमों का पालन न करने पर पेनाल्टी का सामना भी करना पड़ा। खासतौर पर स्टेशन परिसर में निर्धारित समय से अधिक देर तक रुकने और गलत एंट्री-एग्जिट के कारण यात्रियों के क्यूआर कोड स्कैन रिजेक्ट हो गए, जिससे उन्हें ग्राहक सेवा केंद्र का सहारा लेना पड़ा।
नमो भारत और मेरठ मेट्रो का पहला दिन: उत्साह के साथ भ्रम भी
नमो भारत ट्रेन और मेरठ मेट्रो के संचालन की शुरुआत लोगों के लिए एक नए अनुभव की तरह रही। कई परिवार बच्चों के साथ घूमने पहुंचे, जबकि कुछ युवाओं ने सेल्फी और वीडियो बनाने के लिए यात्रा की। लेकिन इसी दौरान बड़ी संख्या में ऐसे यात्री भी मिले जो टिकटिंग और समय सीमा से जुड़े नियमों से पूरी तरह परिचित नहीं थे। परिणामस्वरूप, स्टेशन से बाहर निकलते समय गेट पर क्यूआर कोड स्कैन फेल हो गया और स्क्रीन पर ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करने का संदेश दिखाई दिया। Meerut Metro
यात्रियों ने जब सहायता केंद्र पर संपर्क किया, तब उन्हें बताया गया कि स्टेशन में प्रवेश के बाद एक निश्चित समय सीमा के भीतर बाहर निकलना अनिवार्य है। नियमों की जानकारी मिलने के बाद यात्रियों को बाहर निकाला गया, लेकिन कई लोगों को अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ा।
स्टेशन में निर्धारित समय से अधिक रुकने पर पेनाल्टी
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स के अनुसार, यदि कोई यात्री टिकट लेकर क्यूआर कोड के माध्यम से एक ही स्टेशन से प्रवेश और निकास करता है, तो उसे 20 मिनट के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करनी होती है। यह नियम उन यात्रियों के लिए है जो केवल स्टेशन देखने या किसी को छोड़ने-लेने के लिए अंदर जाते हैं। यदि यात्री 20 मिनट से अधिक समय तक स्टेशन परिसर में रहता है, तो उसे प्रति घंटे 60 रुपये के हिसाब से पेनाल्टी देनी पड़ती है। यह नियम यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने और स्टेशन परिसर को अनावश्यक भीड़भाड़ से बचाने के उद्देश्य से बनाया गया है। पहले दिन कई लोग सिर्फ स्टेशन देखने के लिए पहुंचे थे, जिसके कारण समय सीमा पार होने पर उन्हें अतिरिक्त शुल्क देना पड़ा।
अलग-अलग स्टेशनों के बीच यात्रा के लिए समय सीमा | Meerut Metro
यदि यात्री एक स्टेशन से प्रवेश कर दूसरे स्टेशन पर उतरता है, तो उसके लिए यात्रा पूरी करने की अधिकतम समय सीमा 180 मिनट निर्धारित की गई है। यानी यात्री को तीन घंटे के भीतर अपनी यात्रा समाप्त कर स्टेशन से बाहर निकलना होगा। निर्धारित समय से अधिक होने पर यहां भी 60 रुपये प्रति घंटे की दर से पेनाल्टी लागू होगी। यह नियम विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है। कई यात्रियों ने बीच-बीच में स्टेशन पर रुककर फोटो खिंचवाई या घूमने में समय लगाया, जिसके कारण उनकी समय सीमा समाप्त हो गई और गेट पर क्यूआर कोड रिजेक्ट हो गया।
गलत स्टेशन पर उतरने पर क्या होगा
अक्सर जल्दबाजी या अनजानपन में यात्री निर्धारित स्टेशन से आगे निकल जाते हैं। ऐसी स्थिति में एनसीआरटीसी ने पेनाल्टी के बजाय अतिरिक्त किराया देने का प्रावधान रखा है। यदि कोई यात्री अपने टिकट वाले स्टेशन से आगे उतर जाता है, तो उसे डिफरेंस ऑफ फेयर यानी अतिरिक्त दूरी का किराया देना होगा। भुगतान करने के बाद ही वह स्टेशन से बाहर निकल पाएगा। इस स्थिति में पेनाल्टी नहीं लगती, लेकिन अतिरिक्त किराया देना अनिवार्य होता है।
दोनों सेवाओं के लिए समान नियम
एनसीआरटीसी के अनुसार नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो दोनों सेवाओं के लिए टिकटिंग और समय सीमा से जुड़े नियम समान हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले टिकट पर लिखी जानकारी और स्टेशन पर लगे निर्देशों को ध्यान से पढ़ें। इससे न केवल पेनाल्टी से बचा जा सकता है बल्कि यात्रा भी अधिक सहज और परेशानी-मुक्त बनती है।
यात्रियों के लिए जरूरी सुझाव
पहले दिन की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने यात्रियों को कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं। यात्रियों को चाहिए कि वे सिर्फ घूमने या फोटो खींचने के उद्देश्य से स्टेशन में प्रवेश न करें, या यदि प्रवेश करें तो निर्धारित 20 मिनट के भीतर बाहर निकल जाएं। यात्रा के दौरान समय का ध्यान रखें और अपने गंतव्य स्टेशन पर समय रहते उतरें। यदि किसी प्रकार की समस्या हो तो तुरंत ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करें। Meerut Metro
आधुनिक परिवहन व्यवस्था के साथ नियमों की जानकारी भी जरूरी
मेरठ और आसपास के शहरों के लिए नमो भारत और मेरठ मेट्रो एक बड़ी सुविधा साबित होने वाली है। इससे यात्रा समय कम होगा और दिल्ली-मेरठ के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। हालांकि, किसी भी आधुनिक परिवहन व्यवस्था का लाभ तभी पूरी तरह मिल सकता है जब यात्री उससे जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं की सही जानकारी रखें।
पहले दिन की घटनाओं ने यह साफ कर दिया कि नई सेवाओं के प्रति उत्साह के साथ-साथ जागरूकता भी जरूरी है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे यात्रियों को नियमों की जानकारी होगी, वैसे-वैसे पेनाल्टी की घटनाएं कम होने की उम्मीद है और लोग बिना किसी परेशानी के तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का आनंद ले सकेंगे।
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